एक सीनियर आईपीएस अधिकारी ने यह दावा किया गया है कि उनकी जान को खतरा है। उनके इन दावों पर चिंता जताई जा रही है। दरअसल ये सारा मामला तब हुआ जब महिला अधिकारी ने ये आरोप लगाकर विवाद खड़ा कर दिया कि  पुलिस भर्ती में अनियमितताओं को सामने लाने के बाद से ही उनकी हत्या करने की कोशिश की जा रही है। तमिलनाडु कैडर की आईपीएस अधिकारी कल्पना नायक वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा वो तमिलनाडु यूनिफॉर्म्ड सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड (TNUSRB) की सदस्य भी हैं। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला…

कौन हैं कल्पना नायक

इस विवाद को डिटेल से समझने से पहले ये जान लेते हैं कि कौन हैं कल्पना नायक? 8 मई, 1974 तो जन्मी कल्पना आंध्र प्रदेश की रहने वाली हैं। उन्होंने BITS पिलानी और IIT मद्रास से उच्च शिक्षा प्राप्त की, UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने से पहले M.Tech की डिग्री हासिल की। कल्पना ने 1997 में यूपीएससी (UPSC) परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुईं। अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, उन्हें 28 दिसंबर, 1998 को आधिकारिक तौर पर तमिलनाडु कैडर में आईपीएस अधिकारी के रूप में शामिल किया गया।

कल्पना को 1 जनवरी, 2023 को चेन्नई में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के लिए एडीजीपी (ADGP)नियुक्त किया गया। इसके बाद उन्हें पुलिस भर्ती बोर्ड में भेज दिया गया, जहां उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का खुलासा किया। बस यहीं से शुरू हुआ विवाद और उनके ऑफिस में आग लगा दी गई, इस हमसे से उनकी जान लेने की कोशिश का शक पैदा हो गया। कल्पना ने कहा कि जब उन्हें आग लगने की खबर मिली तो वो ऑफिस पहुंची तो देखा की पूरा ऑफिस जल गया है।

इंडिया टुडे से बात करते हुए कल्पना ने बताया कि उन्होंने दो शिकायतें दर्ज कराई हैं। पहली शिकायत में उन्होंने उन भ्रांतियों की जांच करने के लिए कहा, जिनकी ओर ध्यान दिलाया था यानी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता। दूसरी शिकायत में आग के बारे में पता लगाने के लिए।

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