सुबह 9 बजे से 11.30 बजे तक चले अभियान में दर्जनों वाहनों की जांच की गई। निरीक्षण में 20 किलो मावा और 50 किलो मिठाई संदिग्ध पाई गई, जिनके दो नमूने जनहित में प्रयोगशाला विश्लेषण हेतु लिए गए।
जांच के दौरान रोडवेज व निजी बसों, छोटे वाहनों तथा अन्य परिवहन साधनों से दूध, दही, पनीर, खोया और मिठाई जैसे खाद्य पदार्थों की आपूर्ति की जांच की गई। इसके बाद मनरसा-काकड़ीघाट, सुयालबाड़ी, गंगोली, छड़ा, खैरना और गरमपानी बाजार की दर्जनों दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान चॉकलेट बर्फी, काजू डोडा बर्फी और मैदा के पांच नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।
अधिकारियों ने खाद्य कारोबार स्वामियों को निर्देश दिए कि वे केवल गुणवत्तापूर्ण सामग्री का विक्रय करें, बिना बिल के खरीद न करें, स्टॉक का विवरण दर्ज रखें और प्रतिष्ठान को स्वच्छ रखें। साथ ही कर्मचारियों के चिकित्सीय परीक्षण अनिवार्य रूप से कराएं। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि जहां कहीं भी संदेहास्पद खाद्य सामग्री का विक्रय हो रहा हो, वहां की सूचना विभाग को दें ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। अभियान में वरिष्ठ उप निरीक्षक मनोज सिंह, आरक्षी रीता, राजेंद्र मेर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
