इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री और भंडारण पर नियंत्रण सुनिश्चित करना था।उप औषधि नियंत्रक के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कई मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। हालांकि, किसी भी प्रतिष्ठान पर प्रतिबंधित दवाएं नहीं मिलीं। विभाग ने अब तक चंपावत जिले से 17 दवाओं के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए विश्लेषणशाला भेजा गया है।औषधि निरीक्षक हर्षिता ने मेडिकल स्टोर संचालकों और थोक विक्रेताओं को चार प्रतिबंधित कफ सिरप के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इन दवाओं का भंडारण या वितरण करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अधिकांश विक्रेताओं ने अपनी पहल पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री बंद कर दी है और उन्हें अपने स्टॉक से हटा दिया है।विभाग ने सभी औषधि विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को कफ सिरप न दें। वयस्कों को भी यह दवा केवल चिकित्सकीय परामर्श पर ही उपलब्ध कराई जाए। औषधि विभाग ने स्पष्ट किया कि जिले में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

चंपावत में औषधि विभाग ने गुरुवार को जिलेभर के मेडिकल स्टोरों पर सघन जांच अभियान चलाया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी मनीष कुमार और खाद्य संरक्षा तथा औषधि प्रशासन के आयुक्त-अपर आयुक्त के निर्देश पर की गई। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री और भंडारण पर नियंत्रण सुनिश्चित करना था।उप औषधि नियंत्रक के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कई मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया।

हालांकि, किसी भी प्रतिष्ठान पर प्रतिबंधित दवाएं नहीं मिलीं। विभाग ने अब तक चंपावत जिले से 17 दवाओं के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए विश्लेषणशाला भेजा गया है। औषधि निरीक्षक हर्षिता ने मेडिकल स्टोर संचालकों और थोक विक्रेताओं को चार प्रतिबंधित कफ सिरप के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इन दवाओं का भंडारण या वितरण करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अधिकांश विक्रेताओं ने अपनी पहल पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री बंद कर दी है और उन्हें अपने स्टॉक से हटा दिया है।

विभाग ने सभी औषधि विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को कफ सिरप न दें। वयस्कों को भी यह दवा केवल चिकित्सकीय परामर्श पर ही उपलब्ध कराई जाए।औषधि विभाग ने स्पष्ट किया कि जिले में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights