अदालत ने पाया कि सरकार के प्रमुख सचिव का व्यक्तिगत हलफनामा रिकॉर्ड पर नहीं है और न ही वे स्वयं उपस्थित हुए हैं, जबकि यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक का हलफनामा तैयार है लेकिन अभी तक दायर नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा कि पिछली सुनवाई के आदेश का पालन नहीं किया गया है।
न्यायालय ने इस मामले को आगे की सुनवाई के लिए कल यानी 13 अगस्त, 2025 को दोपहर 12:30 बजे तक के लिए सूचीबद्ध किया है।
