जापानी जॉकी रयुसेई सकाई और मिराई इवाता के साथ मिलकर नररेड्डी ने छह में से दो रेस जीतीं और एक में दूसरा स्थान हासिल किया। रोमांचक मुकाबले में एशिया ने यूरोप को महज एक अंक से पछाड़ा। एशिया ने 68 अंक, यूरोप ने 67 अंक, ग्रेट ब्रिटेन एंड आयरलैंड ने 62 अंक और रेस्ट ऑफ द वर्ल्ड ने 55 अंक हासिल किए। ह्यूग बोमन को सर्वश्रेष्ठ जॉकी का ‘सिल्वर सैडल’ पुरस्कार मिला।

डायलन कुइन्हा के प्रशिक्षण में नररेड्डी ने ‘फायरब्लेड’ पर सवार होकर दुबई ड्यूटी फ्री प्रायोजित शेरगर कप स्टेयर्स में शानदार जीत दर्ज की। वहीं, सकाई ने ‘प्रिंस ऑफ इंडिया’ पर सवार होकर शेरगर कप स्प्रिंट में जीत हासिल की। इस जीत के गवाह बने डिप्टी एमडी सलाह ताहलाक और सीनियर वीपी ऑफ मार्केटिंग सिनेएड एल सिबाई।

दो मील की रेस में नररेड्डी ने शुरुआत से बढ़त बनाए रखी और अंत तक विरोधियों को करीब दो लंबाई पीछे रखते हुए फिनिश लाइन पार की। जीत के बाद उन्होंने कहा, “पहली बार टीम के रूप में आकर जीतना केक पर आइसिंग जैसा है। मुझे यकीन है कि आने वाले समय में यह टीम एक बड़ी ताकत बनेगी।”

2,400 से अधिक करियर जीत दर्ज कर चुके नररेड्डी के लिए यह सफलता सिर्फ पेशेवर उपलब्धि नहीं, बल्कि पारिवारिक गौरव का भी प्रतीक है। उनके पिता और चाचा भी घुड़दौड़ में नाम कमा चुके हैं, और वह इस विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।

भावुक नररेड्डी ने कहा, “यह मेरा सपना था, जो आज सच हो गया। मैंने हमेशा सोचा था कि यह पल कैसा होगा, लेकिन अब इसे जीना अविश्वसनीय लग रहा है। यह मेरे जीवन के सबसे बड़े पलों में से एक है। इस जीत को अपने देश के लिए समर्पित करना मेरे लिए गर्व की बात है।”

जीत का जश्न मनाने के लिए नररेड्डी ने पहली बार अपने आदर्श फ्रेंकी डेटोरी की मशहूर ‘फ्लाइंग डिसमाउंट’ की, जिससे दर्शकों में उत्साह चरम पर पहुंच गया और पूरा एस्कॉट तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

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