डीबीएफओटी आधार पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में यह पहल चार धाम यात्रा मार्ग पर विकसित की जा रही आतिथ्य और सड़क किनारे सुविधाओं की श्रृंखला में पहली कड़ी है। जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसके निर्माण शुरू होने से छह महीने पहले परियोजना का लोक निर्माण विभाग और निजी विशेषज्ञों ने कई सर्वेक्षण किए गए। आईआईटी-बीएचयू के विशेषज्ञों की देखरेख में निर्माण से पहले और बाद में संरचनात्मक सुरक्षा की जांच की गई। बिग ब्रिज होटल में आधुनिक आवास, स्वच्छ भोजन, स्वच्छ शौचालय, स्नान सुविधाएं, सुविधाजनक स्टोर, पार्किंग स्थल और सुरक्षित विश्राम क्षेत्र है, जिसे स्थानीय कोटि-बनाल वास्तुकला और विश्व स्तरीय सुविधाओं के मिश्रण से डिज़ाइन किया गया है।

इस अवसर पर सतपाल महाराज ने कहा कि यह अग्रणी परियोजना उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत के साथ विश्व स्तरीय सुविधाओं को जोड़ते हुए, चार धाम यात्रा मार्ग पर पर्यटन को नए सिरे से परिभाषित करने के हमारी सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती है।

कार्यक्रम में मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्राकृतिक सद्भाव को बनाए रखते हुए सतत और सुरक्षित विकास का एक उदाहरण स्थापित करना राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि गुलर को पहला पड़ाव मानते हुए, स्वातोली बरपाला, देवप्रयाग, देवली बागर-नंद प्रयाग और जलग्वार-जोशीमठ में अगले विकास कार्यों की योजना बनाई गई है, जिससे यात्रा मार्ग पर सुरक्षित, टिकाऊ और सांस्कृतिक रूप से जुड़ी सुविधाओं की एक श्रृंखला तैयार होगी।

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