मौलाना ने बताया कि चाहे मुस्लिम शासनकाल हो, ब्रिटिश शासनकाल या 1947 के बाद आजाद भारत, देश संविधान के तहत लोकतांत्रिक रूप से चल रहा है। उनका कहना था कि भारत का संविधान दुनिया के बेहतरीन संविधानों में शामिल है और यह सभी नागरिकों को धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।

उन्होंने उन साधुओं और संतों की भी निंदा की जो लगातार हिंदू राष्ट्र बनाने की बातें कर रहे हैं। मौलाना ने कहा कि यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने चेताया कि इस तरह की बयानबाज़ी से किसी समाज का भला नहीं होगा और यदि कोई व्यक्ति या संगठन हिंदू राष्ट्र या इस्लामिक राष्ट्र की मांग करता है तो इससे देश को नुकसान होगा।

मौलाना ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को तरक्की की ऊँचाइयों तक ले जाना चाहते हैं, लेकिन कुछ लोग उनके प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं। उन्होंने सभी से देश की तरक्की और हर नागरिक की भलाई को प्राथमिकता देने की अपील की।

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