यात्रा की शुरुआत नाहरपुर मार्केट, सेक्टर-7 से हुई और आजाद कबाड़ी चौक, राजापुर गांव पर इसका समापन हुआ। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए एकता और देशभक्ति के नारों के साथ मार्च किया।
सभा को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि तिरंगा हमारे राष्ट्र की शान है, यह उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का प्रतीक है। यह मात्र एक ध्वज नहीं, बल्कि हमारी संप्रभुता, एकता और संविधान में निहित मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। यह यात्रा उनके संघर्षों को नमन करने और एक सशक्त, एकजुट भारत के निर्माण के प्रति हमारे संकल्प को पुनः पुष्ट करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि यह तिरंगा यात्रा महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, विट्ठलभाई पटेल जैसे महानायकों और उन अनगिनत गुमनाम वीरों को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने जेल की यातनाएं सही, कठिनाइयों का सामना किया और देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका संदेश है कि हम सब मिलकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखें और मज़बूत करें।
गुप्ता ने हाल ही में संपन्न ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव में भारतीय सैनिकों द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि हमारे हर एक सैनिक में भारत की आत्मा बसती है। इन हालिया अभियानों में दिखाई गई उनकी वीरता यह स्मरण कराती है कि जिस स्वतंत्रता का हम आज आनंद लेते हैं, उसकी रक्षा हमारे जवान प्रतिदिन अपने पराक्रम और बलिदान से करते हैं।
