राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान में ‘आवास और निवास पर सार्वजनिक नीति केंद्र’ की स्थापना की घोषणा की और उत्तर प्रदेश सरकार, उस्मानिया विश्वविद्यालय, आईआईपीए तथा एआईआईएलएसजी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कराए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत पहाड़ी और हिमालयी शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 1,000 करोड़ रुपये का विशेष फंड बनाने की भी घोषणा की। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के अनुसार, नई दिल्ली में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को आगे बढ़ाने के लिए समावेशी, सक्षम और सुशासित शहरों के निर्माण की दिशा तय की गई।

मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकिथाला ने कहा कि प्रधानमंत्री के 50 वैश्विक शहर विकसित करने के लक्ष्य को एक संरचित चैलेंज फ्रेमवर्क के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। भारत अप्रैल 2026 में ब्रिक्स अर्बन फोरम और अर्बन टेक एक्सपो की मेजबानी करेगा। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष प्रो. एस. महेन्द्र देव ने कहा कि शहरीकरण को देश की आर्थिक प्रगति और समावेशी विकास की रणनीति के रूप में देखा जाना चाहिए। तोखन साहू ने कहा कि अब देश गरीबी उन्मूलन के मॉडल से आगे बढ़कर सशक्तिकरण और उद्यमिता के रास्ते पर है। केंद्र, राज्य, शहरी निकायों और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से ही विकसित भारत का लक्ष्य साकार होगा।

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