मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस साल पाकिस्तान में बाढ़ के कारण लगभग 850 से अधिक लाेगाें की माैत हाे गई जबकि 47 लाख से ज्यादा लाेग विस्थापित हाे गए। मृतकाें में सबसे 209 लाेग पंजाब के हैं। बाढ़ में फसलाें और पशुधन का भी भारी नुकसान हुआ है।

इस बीच सिंध सरकार ने काेटरी बांध में जलस्तर बढ़ने पर केंद्र सरकार से मांग की कि वह पंजाब के पंचनद हेडवरकस से पानी का बहाव माेड़ने का प्रयास करें। हालांकि पंजाब के सूचना मंत्री आजमा बुखारी ने सिंध के आराेपाें काे खारिज करते हुए बाढ़ के लिए भारत की ‘जलहथियार’ नीति काे इसका दाेषी ठहराया। पंजाब ने भारत पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के पानी छाेड़ने का आराेप लगाया जिसके कारण पूर्वी नदियां प्रभावित हुईं।

पंजाब सरकार ने 18 लाख लाेगाें काे सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाए जाने के साथ ही 2270 मीट्रिक टन राहत सामग्री वितरित की, लेकिन सिंध का दावा है कि पंजाब ने उपरी क्षेत्राें में बाढ़ के पानी काे राेकने के लिए व्यापक बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं किया।

इस बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में इस बाबत प्रांतीय सहयाेग पर एक बैठक बुलाई, जिसमें उन्हाेंने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्रियाें की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बाबत प्रांतीय स्तर पर सराहनीय प्रयास किए गए हैं और केंद्र सरकार उन्हें हर संभव सहायता देने काे तैयार है।

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By editor

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