इस केंद्र का उद्घाटन आईआईटी दिल्ली के रिसर्च एंड इनोवेशन पार्क में बुधवार को हुआ, जिसमें वाधवानी फाउंडेशन के सीईओ और बोर्ड सदस्य डॉ. अजय केला और आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंजन बनर्जी ने प्रमुख रूप से भाग लिया। इस मौके पर भारत के विभिन्न स्वास्थ्य और इनोवेशन क्षेत्रों के दिग्गजों ने अपने विचार साझा किए, जिनमें डॉ. शिवकुमार कल्यानारामन, डॉ. तरुणा मदान, राजीव नाथ और अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल थीं।

इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाना है। फेज़ 1 में केंद्र का मुख्य ध्यान पर्सनलाइज्ड मेडिसिन और पुनर्वास, बायो-इमेजिंग और एआई आधारित डायग्नोस्टिक टूल्स, वृद्ध और विकलांग व्यक्तियों के लिए सहायक प्रौद्योगिकियों, पर्सनलाइज्ड इंप्लांट्स और कम लागत वाले पहनने योग्य उपकरणों और डायग्नोस्टिक टूल्स पर है।

वाधवानी फाउंडेशन ने भारत में 1,400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लिए केंद्रों की स्थापना की जा रही है। यह देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय योजना का हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस पहल का उद्घाटन 29 अप्रैल 2025 को किया था।

वाधवानी फाउंडेशन के सीईओ और बोर्ड सदस्य डॉ. अजय केला ने उद्घाटन अवसर पर कहा कि भारत में वैज्ञानिक प्रतिभा का खजाना मौजूद है, लेकिन अनुसंधान से वास्तविक समाजिक प्रभाव तक पहुंचने की प्रक्रिया बेहद धीमी रही है। डब्ल्यूआईएन केंद्र के साथ हम इस अंतर को समाप्त कर रहे हैं, जिससे हेल्थकेयर इनोवेशन को तेजी से बाजार में लाया जा सके और लाखों लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।

आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंजन बनर्जी ने कहा कि हमारा उद्देश्य ऐसे समाधानों को विकसित करना है जो न केवल भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करें, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक नया मानक स्थापित करें। इस उद्घाटन के साथ वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क का यह केंद्र भारतीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करेगा और हेल्थकेयर के क्षेत्र में नई संभावनाओं को खोलने के लिए एक उत्प्रेरक का काम करेगा।

उल्लेखनीय है कि वाधवानी फाउंडेशन एक वैश्विक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास को तेज करना और बड़े पैमाने पर नौकरी सृजन को बढ़ावा देना है। इसके कार्यक्रमों का उद्देश्य डिजिटल रूपांतरण, कौशल विकास, उद्यमिता और अनुसंधान में नवाचार को प्रोत्साहित करना है।

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By editor

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