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नई दिल्‍ली, 18 फरवरी । भारतीय कॉरपारेट मामलों के संस्थान (आईआईसीए) ने हैदराबाद के नल्सार विधि विश्वविद्यालय के साथ अपने समझौता ज्ञापन (एमओयू) को पांच वर्ष और बढ़ा दिया है।

मंत्रालय ने कहा कि यह सहयोग संकाय और छात्रों के आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान और प्रकाशन, विशेषज्ञ सलाहकारी एवं परामर्श सेवाओं, तथा कार्यशालाओं, सेमिनारों और सम्मेलनों के आयोजन को भी सुगम बनाएगा। दोनों संस्थान आपसी सहयोग की भावना से संयुक्त प्रशिक्षण और अनुसंधान पहलों का सक्रिय रूप से पीछा करेंगे। इस सहयोग का एक प्रमुख हाइलाइट दिवालियापन एवं दिवाला विधियों में दो वर्षीय पूर्णकालिक आवासीय एलएलएम कार्यक्रम का सफल कार्यान्वयन रहा है। तीन बैचों में इस कार्यक्रम ने 138 छात्रों को प्रशिक्षित किया है और उद्योग हितधारकों द्वारा इसके शैक्षणिक कठोरता और व्यावहारिक प्रासंगिकता के लिए व्यापक रूप से सराहा गया है।

कार्यक्रम का प्रथम वर्ष हैदराबाद के नल्सार विधि विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाता है, जबकि द्वितीय वर्ष नई दिल्ली के आईआईसीए में होता है, जो छात्रों को शैक्षणिक उत्कृष्टता और उद्योग एक्सपोजर का समृद्ध मिश्रण प्रदान करता है। इस एमओयू का नवीनीकरण आईआईसीए और नल्सार की साझा प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करता है, जो विधिक एवं कॉर्पोरेट शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का सामना करने में सक्षम कुशल पेशेवरों के विकास में योगदान देने के लिए है।

समझौते पर आईआईसीए के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्ञानेश्वर कुमार सिंह तथा नल्सार विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीकृष्ण देव राव ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए हैं। इस समारोह में प्रो. (डॉ.) निमुषकावी वसंथी, रजिस्ट्रार, नल्सार; प्रो. वी. केसव राव, नल्सार के कॉर्पोरेट एवं प्रतिस्पर्धा विधि केंद्र के निदेशक; डॉ. पायला नारायण राव, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईसीए सहित अन्य प्रतिष्ठित अतिथियों ने भाग लिया।

By editor

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