उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोपों में निलंबित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर इस जांच में उनके पूरे कार्यकाल के दौरान हुए आय-व्यय का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है।

अभिषेक प्रकाशजो 2006 बैच के IAS अधिकारी हैं, पर कार्यकाल के दौरान कई जिलों में जमीन खरीदने और अवैध संपत्तियां अर्जित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह संपत्तियां न केवल उनके नाम पर, बल्कि उनके करीबी रिश्तेदारों के नाम पर भी खरीदी गई हैं। इन आरोपों के चलते विजिलेंस विभाग ने उनकी संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है।

कहां-कहां से जुड़े हैं आरोप

  • जमीन और संपत्ति घोटाले: विभिन्न जिलों में जमीनों की संदिग्ध खरीद।
  • अवैध वसूली: सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध लेन-देन के आरोप।
  • परिवार के नाम पर संपत्तियां: कई संपत्तियां कथित रूप से रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज।

अगर आरोप साबित होते हैं तो क्या होगा

  • विजिलेंस विभाग की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
  • सभी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार का रुख सख्त

योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। पहले भी कई IAS और PCS अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, और यह मामला भी इसी सख्ती का हिस्सा माना जा रहा है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस मामले को लेकर जनता में भी काफी चर्चा है। सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों के भ्रष्टाचार से आम जनता को नुकसान होता है। ऐसे में सरकार की यह कार्रवाई एक सख्त संदेश देने का काम कर रही है।

IAS अभिषेक प्रकाश के खिलाफ विजिलेंस जांच भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights