जनपद गाजियाबाद के सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मृतका की मां ने 24 दिसम्बर 2023 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसकी बेटी जेबा की शादी शारिक नाम के युवक से वर्ष 2018 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद उसकी बेटी को अतिरिक्त दहेज लाने के लिए उसका पति प्रताड़ित करता था। वादिनी के अनुसार 22 दिसम्बर को शारिक के भाई का फोन आया कि उसकी बेटी जेबा छत से गिरकर मर गई।

इसके बाद वह अस्पताल पहुंची। उन्होंने देखा कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। वादिनी के अनुसार उसकी बेटी की मौत में पति और उसके घर वाले मिले हुए हैं। इसके बाद उसने थाने में जेबा के पति शारिक, सास जायदा खातून और ससुर नसीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इसके बाद कार्रवाई करते हुए सभी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।

इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-4 के न्यायाधीश शिव कुमार तिवारी की अदालत में अंतिम सुनवाई हुई। अदालत ने पुख्ता साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर दहेज हत्या के मामले में पति शारिक को घटना का दोषी ठहराया और उसे दस साल कैद और चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, आरोपित जायदा खातून और नसीम को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।

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