हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस अंशुल सिंह ने बताया कि अनधिकृत निर्माणकर्ताओं को प्राधिकरण ने सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए सुनवाई का पर्याप्त अवसर प्रदान किया। अनधिकृत निर्माणकर्ता ने आदेशों की अवहेलना करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा , जिसके उपरान्त उक्त अनधिकृत कॉलोनियों के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम-1973 यथा संशोधित 2013 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर अनधिकृत निर्माणकर्ताओं को चेतावनी दी गई कि बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के कोई निर्माण या विकास कार्य न करें।
