वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पौधरोपण के दौरान मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र ने वन कर्मियों से स्थानीय प्रजातियों की जानकारी ली और फलदार वृक्षों के अधिकाधिक रोपण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फलदार पौधे जैव विविधता संवर्द्धन के साथ वन्यजीवों और स्थानीय समुदाय दोनों को लाभ पहुंचाते हैं। मुख्य न्यायाधीश ने वन विभाग द्वारा संचालित पौधरोपण कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों की सराहना करते हुए इसे सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
वन विभाग की ओर से उप वन संरक्षक नैनीताल आकाश गंगवार, वन क्षेत्राधिकारी मनोरा मुकुल शर्मा, बढौन के वन क्षेत्राधिकारी नितिन पंत, भवाली के वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी, नगर पालिका व प्राणी उद्यान नैनीताल के वन क्षेत्राधिकारी आनन्द लाल, कोर्ट सेल प्रभारी तथा वन दरोगा उपस्थित रहे।
