मुज़फ्फरनगर। शाहपुर के एमजे इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज को गलत बीमारी दिखाकर भर्ती करने और सरकारी धन हड़पने के आरोप वाले मामले में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के आदेश पर गठित जांच टीम ने शुक्रवार को शाहपुर स्थित एम.जे. हॉस्पिटल पहुंचकर पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी है ।
जानकारी के अनुसार, जांच टीम में डिप्टी सीएमओ विपिन कुमार, एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार, शाहपुर सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी और उनकी पूरी टीम शामिल रही। टीम ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर मरीज की भर्ती प्रक्रिया, मेडिकल रिपोर्ट, बिलिंग रिकॉर्ड और आयुष्मान योजना के तहत की गई एंट्री की विस्तार से जांच की।जांच अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन से संबंधित दस्तावेज और मरीज ओमपाल सिंह की पूरी फाइल मांगी, जिन्हें आयुष्मान कार्ड दिखाने के बाद ‘बुखार के मरीज’ के रूप में भर्ती किया गया था, जबकि वास्तविक समस्या नसों के दर्द से जुड़ी थी। टीम ने इस पर सवाल उठाते हुए डॉक्टरों और स्टाफ से जवाब-तलब किया।
डिप्टी सीएमओ विपिन कुमार ने बताया कि जांच टीम सभी तथ्यों का बारीकी से परीक्षण कर रही है। संबंधित दस्तावेजों, मरीज की स्थिति और भर्ती प्रक्रिया की पड़ताल के बाद विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।बताया जा रहा है कि जांच टीम ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का भी निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि योजना के तहत किसी प्रकार की फर्जी बिलिंग या गलत मरीज भर्ती जैसी गतिविधियाँ तो नहीं की जा रही हैं।
इससे पहले पीड़ित ओमपाल सिंह और उनके पुत्र मनोज पाल ने आरोप लगाया था कि अस्पताल ने उन्हें गलत बीमारी दिखाकर भर्ती किया और इलाज के नाम पर फर्जी बिल तैयार किया गया। जब उन्होंने विरोध किया, तो अस्पताल स्टाफ ने अभद्र व्यवहार किया और पत्रकारों से भी दुर्व्यवहार किया गया।मामला उजागर होने के बाद गुरुवार को सैकड़ों लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सीएमओ को जांच पैनल गठित करने का निर्देश दिया था।सीएमओ मुज़फ्फरनगर डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि अस्पताल दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि आयुष्मान योजना की साख और जनता का विश्वास बना रहे।
