स्कूल बस के टूटे फर्श से गिरकर 7 साल की मासूम अनन्या की मौत के मामले में शासन और प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। इस जघन्य लापरवाही के लिए जिम्मेदार स्कूल प्रबंधक अरविंद यादव को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया गया है, वहीं बस ड्राइवर पहले ही पुलिस की गिरफ्त में है। दोनों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग (RTO) के बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिरी है।
फर्श टूटा और टायर के नीचे आ गई मासूम
यह दिल दहला देने वाली घटना बीते शनिवार की है। माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल में UKG की छात्रा अनन्या छुट्टी के बाद बस से घर लौट रही थी। बस की हालत इतनी खराब थी कि चलते-चलते उसका फर्श टूट गया। अनन्या उसी छेद से सीधे बस के टायर पर जा गिरी और पहिये के नीचे कुचलने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पिता ने कई बार दी थी चेतावनी, पर प्रबंधक को था पैसों का मोह
अनन्या के पिता रवि कुमार ने एफआईआर में जो बताया वह सिस्टम को शर्मसार करने वाला है। पिता ने कई बार स्कूल की PTM (Parent-Teacher Meeting) में बस के जर्जर फर्श की शिकायत की थी। उन्होंने बस में एक हेल्पर रखने की मांग भी की थी ताकि बच्चे सुरक्षित रहें। स्कूल प्रबंधक अरविंद यादव ने हर बार इन शिकायतों को अनसुना कर दिया, जिसका नतीजा एक मासूम की मौत के रूप में सामने आया।
बिना परमिट और नोटिस के बावजूद सड़क पर दौड़ रही थी मौत
जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे विभाग की मिलीभगत की ओर इशारा करते हैं। बस (UP 81 BT 8873) का परमिट 19 सितंबर 2024 को ही खत्म हो चुका था। आरटीओ ने तीन बार (फरवरी, जून और सितंबर 2025) नोटिस भेजा, लेकिन बस बंद नहीं कराई। बस पर पहले से 27 हजार रुपये का चालान पेंडिंग था। लापरवाही के आरोप में शासन ने आरटीओ वंदना सिंह और तत्कालीन आरआई चंपालाल को निलंबित (Suspend) कर दिया है।
स्कूल की मान्यता रद्द करने की तैयारी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यदि एक सप्ताह के भीतर जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो स्कूल की मान्यता हमेशा के लिए रद्द कर दी जाएगी। पुलिस ने इन सभी पर धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत केस दर्ज किया है।
