बजरंग दल का इतिहास राममंदिर आंदोलन के साथ गहराई से जुड़ा रहा है। 1990 के दशक में जब श्रीराम जन्मभूमि के लिए आंदोलन ने स्वरूप लिया, तब देशभर के लाखों युवाओं ने बजरंग दल के झंडे तले श्रीरामलला के दर्शन के लिए अयोध्या की ओर कूच किया। अनेक कार्यकर्ता बलिदान हुए। आज उन्हीं वीरों के बलिदान की स्मृति में यह रक्तदान शिविर आयोजित किया।
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री अजय कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन स्वयं रक्तदान करके किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय सहसेवा प्रमुख आनंद हरबोला ने बताया कि राममंदिर आंदोलन केवल मंदिर निर्माण का अभियान नहीं था, यह राष्ट्रजागरण की चेतना थी। बजरंग दल ने उस चेतना को जन-जन तक पहुंचाया।
हमारे कार्यकर्ताओं ने न केवल संघर्ष किया वरन समाज सेवा के हर क्षेत्र में स्वयं को सिद्ध किया है। रक्तदान शिविर जैसे आयोजन इस बात का प्रमाण है कि बजरंग दल केवल आंदोलनकारी संगठन नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति पूर्णतः समर्पित सेवा परिवार है।
उत्तराखण्ड प्रांत संगठन मंत्री अजय कुमार, ने कहा कि बजरंग दल का प्रत्येक कार्यकर्ता सेवा ही संगठन की शक्ति है की भावना से प्रेरित रहता है। रक्तदान केवल जीवनदान नहीं, यह राष्ट्रसेवा का जीवंत उदाहरण है। यह शिविर उन कारसेवकों की स्मृति में है, जिनका रक्त श्रीराम जन्मभूमि के पावन आंदोलन की नींव में समाहित है।
रक्तदान कार्यक्रम में प्रांत सहसुरक्षा प्रमुख नवीन तेश्वर, जिला मंत्री जीवेंद्र तोमर, सहविभाग मंत्री भूपेंद्र सैनी, जिला संयोजक बजरंग दल अमित मुल्तानिया, जिला सहमंत्री दीपक तालियान, कमल उलियान, प्रजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, युवाओं और समाजसेवियों ने भाग लिया।
