मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आर के सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिए गए निर्देश पर जनपद में स्थापित नैदानिक संस्थानों से संबंधित प्राप्त हो रही शिकायतों के निराकरण के संबंध में उनके द्वारा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रमेश कुंवर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया, जिसमें जिला समन्वयक पीसीपीएनडीटी रवि संदल, राजन ठाकुर एवं कुलदीप बिष्ट सदस्य नामित किए गए।

उन्होंने बताया कि गठित समिति द्वारा जनपद में संचालित हो रहे विभिन्न नैदानिक प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण कर जांच की गई। जिसमें मान्य डायग्नोस्टिक, बहादराबाद, ग्लोबल मल्टीस्पेशलिटी, लंढौरा मानक अनुसार संचालित न होने पर सील किया गया,दीप अल्ट्रासाउंड सुल्तानपुर, यशलोक हॉस्पिटल रुड़की, आर्यावर्त हॉस्पिटल कनखल में मौके पर चिकित्सक न होने पर एवं मशीन को चालू हालत में पाए जाने पर जुर्माना एवं नोटिस भी निर्गत किए गए।

निरीक्षण के दौरान जनपद में स्थापित 19 नैदानिक स्थापनाओं में नियमावली के अनुसार कार्य का संचालन न पाए जाने पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया, जिसमें लोटस हॉस्पिटल ज्वालापुर, एसएन पैथोलॉजी लैब बहादराबाद, मेडविन अस्पताल रुड़की, दून पैथोलॉजी लैब लंढौरा, खुशी हॉस्पिटल लंढौरा, लाइफ हेल्थ केयर हॉस्पिटल भगवानपुर चंदनपुर, सहारा हॉस्पिटल मंगलौर, ग्रीन हॉस्पिटल मंगलौर, डिवाइन हॉस्पिटल मंगलौर, सिटी हॉस्पिटल मंगलौर, न्यू मिशन हॉस्पिटल मंगलौर, फैमिली हेल्थ केयर सुल्तानपुर, वेलनेस हॉस्पिटल इमलीखेड़ा एवं शिखर हॉस्पिटल इमलीखेड़ा पर अनियमितता पाए जाने अस्पताल पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया तथा चौहान एक्सरे क्लीनिक लंढौरा, बालाजी एक्सरे सेंटर लंढौरा, सहारा हॉस्पिटल सुल्तानपुर, खुशी हेल्थ केयर भगवानपुर, लाइफलाइन अस्पताल इमलीखेड़ा की मशीनें जब्त कर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया। संबंधित क्लीनिकों एवं अस्पतालों पर कुल 9 लाख 50 हजार का जुर्माना लगाया गया।

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