वैद्य, भेषज, परिचारक स्वास्थ्य की रीढ़ : डा. सुशील

हरिद्वार, 6 मार्च (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के भेषज विज्ञान विभाग में राष्ट्रीय भेषजी शिक्षा दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

मुख्य अतिथि देवभूमि हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ सुशील शर्मा ने प्रतिभागियों से कहा कि मेडिकल क्षेत्र में ज्ञान अर्जन व अनुभव प्राप्त करने के लिए धैर्य की आवश्यकता होती है। मेडिकल क्षेत्र में वैद्य, भेषज एवं परिचारक स्वास्थ्य की रीढ होते हैं, इसलिए इन तीनों को ज्ञान एवं अनुभव से परिपक्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फार्मेसी के छात्रों को अपने विषय के गहन ज्ञान को अर्जित करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि एकम्स ड्रग्स के एचआर जनरल मैनेजर मयंक शर्मा ने छात्रों को बताया कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार उद्यम एवं उद्यमिता विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित करती है, जिनमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री उद्यमिता विकास योजना, मुद्रा योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और इसी प्रकार अनेक योजनाएं एंटरप्रेन्योरशिप के विकास के लिए उपलब्ध हैं। जिनका छात्र अपनी शिक्षा के बाद उपयोग करके अपना स्वयं का उद्योग लगाकर रोजगार उत्पन्न कर सकते हैं।

विभाग अध्यक्ष डॉ विपिन कुमार ने विभाग में होने वाले क्रियाकलापों एवं विभिन्न शोध परियोजनाओं एवं गतिविधियों से सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया। इस अवसर पर दो व्याख्यान का आयोजन किया गया पहला व्याख्यान कंप्यूटर विज्ञान विभाग के डॉक्टर कृष्ण कुमार ने फार्मेसी में डाटा व मशीन लर्निंग के उपयोग पर दिया तथा दूसरा व्याख्यान इंजीनियरिंग फैकल्टी के डॉ सुयश भारद्वाज ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का फार्मेसी क्षेत्र में अनुप्रयोग विषय पर दिया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉक्टर कपिल कुमार गोयल, विनोद नौटियाल, प्रिंस प्रशांत शर्मा, बलवंत रावत, रविंद्र कंबोज, दीपक नेगी, पीयूष सिंघल एवं समस्त शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का सहयोग रहा।

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