बताते चलें कि 9 सितंबर को ग्राम खंजरपुर में वन विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान 70 कोबरा और 16 रसेल वाइपर प्रजाति के सांप बरामद किए थे। इस दौरान मुख्य आरोपी नितिन कुमार मौके से फरार हो गया था। मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2023) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

वन विभाग की एसडीओ पूनम कैंथोला ने बताया कि उप वन संरक्षक, हरिद्वार वन प्रभाग के निर्देशन में तीन टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में लगातार दबिश दी। इससे पहले 16 सितंबर को टीम ने आरोपी के सहयोगी विष्णु पंत को ऋषिकेश से गिरफ्तार किया था, जो सर्प विष संग्रहण केंद्र में केयरटेकर था।

मुखबिर की सूचना पर नारसन क्षेत्र से मुख्य आरोपी नितिन कुमार को दबोचा गया। इस कार्रवाई में वन क्षेत्राधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, विनय कुमार राठी, वन आरक्षी सौरभ सैनी और वाहन चालक राहुल चौहान शामिल रहे। एसडीओ (वन विभाग) पूनम कैंथोला ने कहा कि वन्यजीवों की तस्करी पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। विभाग इस तरह के अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। आमजन से अपील है कि किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights