धर्मनगरी हरिद्वार जो कि मां शक्ति की पहली शक्तिपीठ वाली नगरी है, यहां इन दिनों माता की अद्भुत भक्ति देखने को मिल रही है। गुजरात के पारंपरिक परिधानों में गरबा गुजराती नर-नारी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
हरिद्वार के ये गुजराती परिवार पिछले 22 वर्षों से प्रतिवर्ष नवरात्रि के दौरान विशेष गरबा व डांडिया का आयोजन करता है। इसमें धर्मनगरी हरिद्वार में गुजराती संस्कृति के अनुरूप नवरात्र महोत्सव का आयोजन किया जाता है।
धर्मनगरी हरिद्वार का अद्भुत गुजराती रंग अपने आप में बहुत ही मनमोहक है। अपनी भूमि से कोसों दूर रहने के बाद भी अपनी संस्कृति एवं परंपरा को आगे बढ़ाने की सोच के साथ हरिद्वार में रहने वाला हरिद्वार गुज्जू परिवार की और से राज्य स्थपना के कुछ समय से ही गरबा का आयोजन निरंतर कराता आ रहा हैं।
गुजराती समाज के राजेश पाठक, कीर्तन देसाई , लक्ष्मण भाई, पवन भाई दवे, लहर भाई, प्रितेश भाई, मोंटू भाई, जेराम भाई, मेहुल भाई, राजा भाई, बृजेश पटेल, परेश भाई, राजू भाई, दामोदर महाराज, कांति भाई, शांति भाई पटेल सहित 200 से अधिक गुजरती समुदाय से जुड़े लोग और बच्चे गरबा में भाग ले रहे हैं।
