मेरठ | जनपद के दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव में रविवार को बुलाई गई गुर्जर महापंचायत अचानक भारी हंगामे और टकराव में बदल गई। आयोजन का उद्देश्य गुर्जर समाज के अधिकार, टिकट आवंटन और राजनैतिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा करना था। हालांकि प्रशासन ने पहले ही पंचायत की अनुमति नहीं दी थी। बावजूद इसके मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, नोएडा सहित पश्चिमी यूपी के दर्जनों जिलों से बड़ी संख्या में गुर्जर नेता और कार्यकर्ता दादरी पहुंचे।

पंचायत शुरू होने से पहले ही पुलिस प्रशासन पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंच गया। जैसे ही सभा शुरू हुई, अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुर्जर समाज संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र भाटी, अभिनव भाटी और अमित मोतला सहित कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन भेज दिया। इस कदम से भीड़ आक्रोशित हो गई और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल तनावग्रस्त हो गया और अलग-अलग जगहों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं।स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया।

इस दौरान सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मुख्य रूप से पंचायत के आयोजक और सक्रिय गुर्जर कार्यकर्ता शामिल हैं। पुलिस और प्रशासनिक अमले की कई टीमें मौके पर तैनात रही और पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल धारा 144 लागू कर दी गई, जिससे इलाके में चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर सख्त रोक लग गयी ।गुर्जर नेताओं ने प्रशासन पर “तानाशाही” का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका मकसद शांतिपूर्वक अपने अधिकारों की बात करना था, लेकिन सरकार समुदाय की आवाज़ को दबा रही है। कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि जातीय भेदभाव को प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है, जबकि समाज केवल राजनीति में अपना प्रतिनिधित्व चाहता है।
वहीं, प्रशासन का पक्ष है कि बेवजह भीड़ और अवांछित गतिविधियों से शांति भंग होने की आशंका थी, इसलिए तत्काल कार्रवाई की गई और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार नजर रख रही है | इस पूरी कार्यवाही की अगुवाई एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह कर रहे थे। प्रमुख गिरफ्तार नेताओं में रविंद्र भाटी, अभिनव भाटी और अमित मोतला के नाम सामने आए हैं। पुलिस व प्रशासन की टीमें पूरे दादरी क्षेत्र में सतर्कता के साथ गश्त कर रही हैं, ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो |
