आज से जीएसटी की नई दरें लागू हो गई हैं। नई दरों के लागू हो जाने के बाद कई रोमर्रा की वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी।

रसोई में इस्तेमाल के सामान से लेकर इलेक्ट्रानिक्स‚ दवाइयां और उपकरणों से लेकर वाहन तक लगभग 375 वस्तुएं सोमवार यानी 22 सितंबर से सस्ती हो जाएंगी। माल एवं सेवा कर (GST) में कटौती सोमवार से ही लागू होने जा रही हैं। 

जीएसटी परिषद ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 22 सितंबर (नवरात्रि के पहले दिन) से जीएसटी दरें कम करने का फैसला किया है। घी‚ पनीर‚ मक्खन‚ नमकीन‚ केचप‚ जैम‚ सूखे मेवे‚ कॉफी और आइसक्रीम जैसी आम इस्तेमाल की चीजें और टीवी‚ एयर कंडीशनर (एसी)‚ वॉशिंग मशीन जैसे महंगे उत्पाद भी सस्ते हो जाएंगे।

जीएसटी में बदलाव को देखते हुए कई एफएमसीजी कई कंपनियों ने पहले ही कीमतों में कटौती की घोषणा कर दी है। अधिकांश दवाओं और फॉर्मूलेशन और ग्लूकोमीटर और डायग्नॉस्टिक किट जैसे मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी दर को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है‚ जिससे आम आदमी को दवाएं सस्ती मिलेंगी। सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है‚ जिससे घर बनाने वालों को भी फायदा होगा।

सरकार ने पहले ही दवा दुकानों को जीएसटी में कटौती के लाभ को ध्यान में रखते हुए अपने अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में बदलाव करने या कम कीमत पर दवाएं बेचने का निर्देश दिया है। 

जीएसटी दर में कटौती से सबसे बड़ा फायदा वाहन खरीदारों को होगा‚ क्योंकि छोटी और बड़ी कारों पर कर दरें क्रमशः 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत कर दी गई हैं। कई कार कंपनियों ने पहले ही कीमतों में कटौती की घोषणा कर दी है।

सेवाओं की बात करें तो‚ स्वास्थ्य क्लब‚ सैलून‚ नाई की दुकान‚ फिटनेस सेंटर‚ योग आदि सौंदर्य और फिटनेस सेवाओं पर जीएसटी को इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) के साथ 18 प्रतिशत से घटाकर‚ बिना कर क्रेडिट के पांच प्रतिशत कर दिया गया है। बालों में लगाने वाले तेल‚ साबुन‚ शैम्पू‚ टूथब्रश‚ टूथपेस्ट जैसे रोजमर्रा के सामान भी सस्ते हो सकते हैं‚ क्योंकि इन पर टैक्स कर दर 12/18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई हैं। टेलकम पाउडर‚ फेस पाउडर‚ शेविंग क्रीम‚ ऑफ्टरशैव लोशन जैसी अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी कम हो सकती हैं‚ क्योंकि इन पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत हो गया है। 

22 सितंबर से जीएसटी में दो स्लैब होंगे। 
अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं पर पांच और 18 प्रतिशत का कर लगेगा। विलासिता की वस्तुओं के लिए कर की दर 40 प्रतिशत होगी। वहीं तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर 29 प्रतिशत कर के साथ उपकर लगेगा। अभी जीएसटी के चार 5‚ 12‚ 18 और 28 प्रतिशत के स्लैब हैं। इसके अलावा‚ लक्जरी सामान और अहितकर वस्तुओं पर अतिरिक्त उपकर भी लगता है। अभी 12 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में आने वाले लगभग 99 प्रतिशत सामान पर अब पांच प्रतिशत का कर लगेगा। इस बदलाव से 28 प्रतिशत कर स्लैब में आने वाले 90 प्रतिशत उत्पाद 18 प्रतिशत के स्लैब में आ जाएंगे। 

सिगरेट‚ तंबाकू‚ तंबाकू युक्त पान मसाला‚ शराब‚ लक्जरी घर‚ महंगी कारें‚ महंगे होटल रूम‚ आदि और महंगे होंगे। साथ ही बार एंड़ क्लब जैसी सेवाओं पर ज्यादा टैक्स वसूला जाएगा। इसके अलावा हुक्का बार व अमीरों के इस्तेमाल किए जाने वाली कई वस्तुओं पर उप कर लगाने की भी तैयारी है। कई अन्य लक्जरी सेवाएं भी 40 फीसद टैक्स के दायरे में लाई जाएंगी।

कौन सी सेवाएं होंगी सस्ती

हेल्थ क्लब‚ जिम‚ सैलून सर्विस‚ ब्यूटी पार्लर‚ फिटनेस सेंटर‚ ट्रैवल एजेंसी‚ होटल का किराया‚ रेस्टोरेंट‚ योगा केंद्र व कई अन्य ऐसी सेवाएं जिनपर सर्विस टैक्स पहले ज्यादा दर से लगता था॥ 

कौन सी वस्तुएं होंगी सस्ती
 घी‚ पनीर‚ मक्खन‚ नमकीन‚ केचप‚ जैम‚ सूखे मेवे‚ कॉफी और आइसक्रीम‚ टीवी‚ फ्रिज‚ एयर कंडीशनर (एसी)‚ वॉशिंग मशीन‚ टू व्हीलर‚ कारें व रसोई में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण व दवाएं। 

कौन सी वस्तु व सेवाएं अब होंगी महंगी
सिगरेट, तंबाकू, तंबाकू युक्त पान मसाला, शराब, लक्जरी घर, महंगी कारें, महंगे होटल रूम, आदि और महंगे होंगे। साथ ही बार एंड क्लब जैसी सेवाओं पर ज्यादा टैक्स वसूला जाएगा। इसके अलावा हुक्का बार व अमीरों के इस्तेमाल किए जाने वाली कई वस्तुओं पर उप कर लगाने की भी तैयारी है। कई अन्य लक्जरी सेवाएं भी 40 फीसद टैक्स के दायरे में लाई जाएंगी

जीएसटी संबंधित शिकायतों के लिए हेल्पलाइन
केंद्र ने संशोधित जीएसटी दरों से संबंधित शिकायतों के पंजीकरण और उनके निवारण के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के ‘इनग्राम’ पोर्टल पर एक समर्पित श्रेणी बनाई है। जीएसटी परिषद ने 22 सितंबर से विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरें कम कर दी हैं।

शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उपभोक्ता मामलों के विभाग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) को जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में अनुमोदित जीएसटी सुधार के अनुरूप बनाने के लिए कदम उठाए हैं। बयान में कहा गया कि 22 सितंबर से प्रभावी होने वाले संशोधित जीएसटी शुल्कों, दरों और छूटों से संबंधित उपभोक्ताओं के सवालों और शिकायतों को संभालने के लिए ‘इनग्राम’ पोर्टल पर एक नई, समर्पित श्रेणी शुरू की गई है।

इस श्रेणी में कई प्रमुख उप-श्रेणियां शामिल हैं, जैसे वाहन, बैंकिंग, ई-कॉमर्स, एफएमसीजी (रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं) और अन्य, जिनमें जीएसटी से संबंधित शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी।

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