इससे पूर्व राज्यपाल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर भी अपने विचार पॉडकास्ट के माध्यम से साझा कर चुके हैं। इस विशेष पॉडकास्ट में राज्यपाल ने महिलाओं के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, वर्तमान परिदृश्य और अपने व्यक्तिगत अनुभवों और दृष्टिकोण को साझा किया ।

पॉडकास्ट के लॉन्चिंग के अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक डिजिटल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना को जगाने और नारी सम्मान व समानता को जीवन के हर क्षेत्र में स्थापित करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण केवल अधिकार प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें भरोसा देना है कि उनकी सोच, मेहनत और क्षमता पर समाज को विश्वास है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तो परिवार, समाज और राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।

राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब भारत की आधी आबादी यानी मातृशक्ति समान रूप से उसमें भाग लेगी। उन्होंने आह्वान किया कि नारी सम्मान केवल पूजा या आदर्श तक सीमित न रहे, बल्कि व्यवहार और नीतियों में भी परिलक्षित हो। उन्होंने कहा कि हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बेटी शिक्षा, स्वास्थ्य या अवसर से वंचित न रहे और महिलाएं राष्ट्र की दिशा तय करने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर पॉडकास्ट की होस्ट, उत्तरांचल विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष अंकिता जोशी ने इस पॉडकास्ट के दौरान हुए अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव सहित उत्तरांचल विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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