दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल की ओर दायर एक अपील खारिज कर दी, जिसमें सहायक नियंत्रक, पेटेंट और डिजाइन नियंत्रक के खिलाफ एक आदेश को चुनौती दी गई थी।

‘मल्टीपल डिवाइसेज पर इंस्टेंट मैसेजिंग सेशन के मैनेजमेंट’ को लेकर गूगल ने दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अपील दायर की थी। जिस पर अदालत ने मंगलवार (02 मार्च) को सुनवाई की। कोर्ट में अपनी अपील के साथ पर्याप्त तथ्यों के अभाव में अदालत ने गूगल का आवेदन खारिज करने के साथ एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।

आवेदन खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गलत तथ्य प्रस्तुत करने और यूरोपीय पेटेंट कार्यालय (EPO) द्वारा पेटेंट से इनकार करने के संबंध में जानकारी छिपाई गई।

न्यायमूर्ति प्रथिबा एम सिंह ने Google की अपील को खारिज करने के साथ कोर्ट को पूरे सच से अवगत ना कराने के लिए Google पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

न्यायमूर्ति सिंह ने अपने आदेश में कहा, “गूगल ने पेटेंट के लिए संबंधित ईयू आवेदन में एक नहीं बल्कि दो आवेदन शामिल थे, जिसमें एक प्रभागीय आवेदन भी शामिल था, और उन दोनों में आविष्कारशील कदम की कमी के कारण खारिज कर दिया गया।”

कोर्ट ने आदेश में आगे कहा, “वर्तमान अपील में अपीलकर्ता ने न केवल अदालत के सामने गलत तथ्य पेश किए, बल्कि ईयू मूल आवेदन के इनकार के साथ-साथ परिणामस्वरूप दायर किए गए डिवीजनल आवेदन के बारे में जानकारी का खुलासा करने में भी विफल रहा।”

पीट ने कहा कि अपीलकर्ता सबमिशन में विषय आविष्कार आविष्कारशील कदम की कमी को देखते हुए पेटेंट देने का हकदार नहीं है। ऐसे में अपील मान्य नहीं है और खारिज किया करने योग्य है।

 

 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights