मनीष अग्रवाल
सहारनपुर | इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब शासन ने जातिगत महिमामंडन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। जिलाधिकारी मनीष बंसल सहारानपुर एव वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर आशीष तिवारी ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा है की जिले में अब एनसीआरबी और सीसीटीएनएस के अभिलेखों में जाति का अंकन नहीं किया जाएगा। केवल उन्हीं मामलों में जाति दर्ज की जाएगी जिनमें कानूनन छूट है।
सहारनपुर प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थल, वाहन या सोशल मीडिया पर जातिसूचक पोस्टर, बैनर, स्लोगन या पोस्ट न करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।कहा माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी व्यक्ति या संगठन द्वारा सार्वजनिक स्थल पर जातिसूचक पोस्टर-बैनर लगाने, वाहनों पर जातिगत शब्द लिखने या सोशल मीडिया पर जातिगत पोस्ट डालने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।वही डीएम व एसएसपी ने साफ कहा है कि मोटर व्हीकल एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि राजनीतिक उद्देश्य से किसी रैली या सम्मेलन में जाति विशेष का उल्लेख भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर निगरानी और कड़ी कर दी है। अगर कोई भी व्यक्ति जातिसूचक पोस्ट या जाति विशेष की निंदा से जुड़ा कंटेंट शेयर करता है, तो उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने जनपदवासियों, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से अपील की है कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए शासन और न्यायालय के आदेशों का पालन करें। साथ ही जल्द ही जनपद में विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
