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नैनीताल, 15 मार्च । सरोवर नगरी सहित जनपद के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बसंत ऋतु के स्वागत का पारंपरिक लोकपर्व फूलदेई हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। हिंदू कलेंडर के प्रथम चैत्र मास की संक्रांति पर मनाये जाने वाले इस पर्व पर बालक-बालिकाओं ने प्रातः जंगलों और आसपास के क्षेत्रों से प्योंली, बुरांश, आड़ू और खुबानी के फूल एकत्र कर थालियों में सजाये और आसपास के घरों की देहरी पर पारंपरिक लोकगीत “फूलदेई, छम्मा देई, दैंणी द्वार भर भकार, यो देली सौ नमस्कार…” के आर्शीवाद के साथ फूल अर्पित करते हुए चढ़ाकर समृद्धि व सुख-शांति की कामना की।

लोगों ने भी बच्चों को गुड़, चावल और धनराशि देकर आशीर्वाद दिया। पर्व के अवसर पर कई स्थानों पर पारंपरिक व्यंजन भी बनाये गये और परिवारों ने एक-दूसरे को हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएँ भी दीं।

उल्लेखनीय है कि फूलदेई पर्व प्रकृति के प्रति कुमाऊं की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। बसंत के आगमन के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व नई ऋतु, समृद्धि और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश देता है।

By editor

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