किसान प्रशिक्षण और सामान्य सुविधा केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर सीतारमण ने कहा कि यह पहल फल-आधारित उद्यमों के लिए एक स्थायी, बाजार-संचालित पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए की गई है। उन्‍होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य फल-आधारित उद्यमों के लिए एक स्थायी, बाज़ार-संचालित पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, किसानों को सशक्त बनाना और ग्रामीण आजीविका को मज़बूत करना है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीएलएडी) योजना के तहत वित्त पोषित, किसान प्रशिक्षण और सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) की शुरुआत की गई है। यह आधुनिक फल प्रसंस्करण और विपणन के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

कर्नाटक का कोप्पल जिला आम, अमरूद और पपीते की खेती के लिए जाना जाता है। यह परियोजना इन फलों के मूल्य संवर्धन में सुधार के लिए स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसानों को एफपीओ के माध्यम से प्रशिक्षित करने पर केंद्रित है। यह पहल आम के रस, गूदे और सूखे पाउडर के साथ-साथ पपीते और अमरूद के रस और गूदे के उत्पादन को भी बढ़ावा देगी। इन प्रयासों से उपज की शेल्फ लाइफ बढ़ने, बाजार मूल्य में वृद्धि और स्थानीय उद्यमियों और ग्रामीण समुदायों के लिए स्थायी आय के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights