मुज़फ्फरनगर। कश्मीर की वादियों में पहली बर्फबारी हो गई है, जिससे वहां के मौसम में ठंडक नहीं दस्तक दे दी है | पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अभी भी गर्मी का एहसास निरंतर हो रहा है | कश्मीर में हुई बर्फबारी से जल्दी पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मौसम भी ठंडक होने वाला है |

अक्टूबर की शुरुआत में ही उत्तर कश्मीर के बारामूला ज़िले के मशहूर स्की स्थल गुलमर्ग की अफ़रवत चोटी और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग ज़िले के सिंथन टॉप पर ताज़ा बर्फबारी हुई है। अचानक बदले मौसम ने पर्यटन स्थलों को बर्फ से ढक दिया और घाटी का नज़ारा एक बार फिर से शीतकालीन खूबसूरती में बदल गया।श्रीनगर सहित आसपास के इलाकों में भी रुक-रुक कर हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे ठंडक और बढ़ गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने जानकारी दी है कि 5 से 7 अक्टूबर के बीच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा। इस दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी और मैदानी हिस्सों में तेज़ बारिश की आशंका है। विभाग का कहना है कि यह असर 5 अक्टूबर की रात से 7 अक्टूबर की सुबह तक देखने को मिल सकता है।

अधिकारियों के अनुसार पहलगाम, कुलगाम, शोपियां, पीर की गली, सोनमर्ग-ज़ोजिला, राजदान दर्रा और साधना दर्रा सहित कई ऊंचे दर्रों पर भारी हिमपात होने की संभावना है। इसके चलते सड़क मार्गों पर रुकावट और यातायात प्रभावित होने की भी चेतावनी दी गई है।गुलमर्ग और सिंथन टॉप पर गिरी पहली बर्फ ने पर्यटकों को रोमांचित कर दिया है। होटल और टूर ऑपरेटरों का कहना है कि इस मौसम की पहली बर्फबारी पर्यटन सीजन की अच्छी शुरुआत साबित हो सकती है। बर्फ की मोटी परत जमने के बाद स्कीइंग और एडवेंचर गतिविधियों की तैयारियां भी तेज़ कर दी जाएंगी।स्थानीय निवासियों का कहना है कि मौसम ने सामान्य से पहले करवट ले ली है और दिन-रात के तापमान में गिरावट साफ महसूस की जा रही है।

श्रीनगर के कई हिस्सों में लोगों ने पहले से ही गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतज़ाम कर लें, क्योंकि बारिश और बर्फबारी का असर कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है।कश्मीर की वादियों में गिरी पहली बर्फ ने घाटी को फिर से एक अनोखे आकर्षण से भर दिया है। गुलमर्ग और सिंथन टॉप का नज़ारा इस समय मानो किसी खूबसूरत चित्रकारी की तरह लग रहा है, जहां धरती ने सर्दियों का स्वागत सफेद परत ओढ़कर किया है।

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