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नई दिल्‍ली, 22 जनवरी । उद्योग मंडल भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के एक ‘प्री-बजट सर्वे’ में भारत की सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7-8 फीसदी रहने का अनुमान है। इस सर्वे में डिफेंस बजट को 30 फीसदी करने और ड्रोन रिसर्च के लिए 1,000 करोड़ रुपये के आवंटन की सिफारिश की गई है।

उद्योग मंडल फिक्की ने गुरुवार को अपना ‘प्री-बजट सर्वे 2026-27’ जारी किया, जिसमें इंडस्ट्री की भावना को जाना गया और आने वाले केंद्रीय बजट से पहले प्रमुख पॉलिसी सुझावों की रूपरेखा तैयार की गई। फिक्‍की की ओर से जारी इस सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश उद्योग प्रतिनिधियों ने भारत की आर्थिक वृद्धि संभावनाओं को लेकर भरोसा जताया गया है। फिक्की के सर्वेक्षण में केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए तीन प्रमुख प्राथमिकताएं उभरकर सामने आई हैं। इनमें रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे पर लगातार जोर और निर्यात को मजबूत समर्थन शामिल हैं। बुनियादी ढांचा, विनिर्माण, रक्षा और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिए जाने की भी उम्मीद है।

सर्वे में शामिल आधे उद्योग प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 2026-27 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात से आठ फीसदी के दायरे में बनी रहेगी। 80 फीसदी प्रतिभागियों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की मध्यम अवधि के आर्थिक बुनियादी पहलुओं पर विश्वास जताया है। उद्योग जगत ने इस सर्वे में राजकोषीय सूझबूझ के महत्व को भी रेखांकित किया। करीब 42 फीसदी उत्तरदाताओं को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.4 फीसदी के लक्ष्य पर रहेगा, जिससे सरकार के राजकोषीय सशक्तीकरण खाके पर भरोसा मजबूत होता है।

सर्वे में रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए रक्षा बजट में पूंजीगत व्यय का हिस्सा बढ़ाकर 30 फीसदी करने, ड्रोन पीएलआई योजना का आवंटन 1,000 करोड़ रुपये करने और 1,000 करोड़ रुपये का ड्रोन अनुसंधान एवं विकास कोष स्थापित करने का सुझाव भी दिया गया है। फिक्की का ये सर्वे दिसंबर, 2025 के अंत से जनवरी, 2026 के मध्य के दौरान किया गया था, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की लगभग 100 कंपनियों ने भाग लिया।

By editor

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