सोशल मीडिया पर बनी एक पहचान दारोगा अर्जुन सिंह के लिए मुसीबत बन गई। फेसबुक पर एक महिला से हुई दोस्ती धीरे-धीरे धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग में बदल गई। महिला ने दारोगा को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर करीब 4 लाख रुपए ठग लिए। मामला कोर्ट पहुंचा तो सिविल लाइंस थाने में महिला के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इस महिला की पहले भी संदिग्ध हरकतें सामने आ चुकी हैं। जानकारी के मुताबिक, उसने पहले दिल्ली पुलिस के एक सिपाही पर झूठा दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था, जो बाद में फर्जी साबित हुआ।

कैसे शुरू हुई ठगी की कहानी?
दारोगा अर्जुन सिंह इस समय पुलिस लाइन में तैनात हैं। उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में मेरठ की रहने वाली एक महिला के खिलाफ केस दायर किया था। अर्जुन सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 में जब वे बुध बाजार चौकी में प्रभारी थे, तभी एक महिला ने उन्हें फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। पहली बार उन्होंने रिक्वेस्ट डिलीट कर दी, लेकिन 2 महीने बाद दोबारा वही रिक्वेस्ट आई तो उन्होंने एक्सेप्ट कर ली। इसके बाद महिला ने बातचीत शुरू की और खुद को एक रेलवे कर्मचारी के जानकार के रूप में बताया। उसने कहा कि उसने नौकरी लगवाने के नाम पर किसी को पैसे दिए थे जो अब वापस नहीं मिल रहे। उसने दारोगा से मदद मांगी। दारोगा ने मामले में मदद करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। शुरुआत में यह सामान्य मामला लगा, लेकिन असली चालबाजी इसके बाद शुरू हुई।

प्लॉट दिखाने के बहाने भरोसे में लिया
वर्ष 2023 में दारोगा का ट्रांसफर थाना छजलैट में हो गया। उसी दौरान महिला ने दोबारा संपर्क किया और बताया कि वह मेरठ में अपने पिता के नाम का प्लॉट बेचना चाहती है। उसने खुद को अकेली और मजबूर बताया। दारोगा अपने दोस्त आकाश सक्सेना के साथ प्लॉट देखने मेरठ भी गए। धीरे-धीरे महिला ने सहानुभूति लेकर दारोगा का विश्वास जीत लिया।

दारोगा को पता चला महिला का असली चेहरा
कुछ समय बाद रोगा को पता चला कि महिला पहले भी विवादों में रही है। उसने दिल्ली पुलिस के एक सिपाही पर झूठा रेप केस किया था, जो जांच में गलत साबित हुआ। इस जानकारी के बाद दारोगा ने महिला से दूरी बना ली और उसका नंबर ब्लॉक कर दिया।

धमकी देकर ठगे गए 4 लाख रुपए
नंबर ब्लॉक करने के बाद महिला ने दारोगा को फोन, मैसेज और सोशल मीडिया के जरिए धमकाना शुरू कर दिया। उसने कहा कि अगर बात नहीं मानी तो वह उन्हें झूठे केस में फंसा देगी और अधिकारियों से शिकायत करेगी। महिला ने यह भी कहा कि उसकी तबीयत खराब है और इलाज के लिए पैसे चाहिए। नौकरी बचाने और बदनामी से डरकर दारोगा ने धीरे-धीरे 10 हजार, 15 हजार कर-कर के कुल 4 लाख रुपए दे दिए।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस
आखिरकार परेशान होकर दारोगा अर्जुन सिंह ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी मनीष सक्सेना ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर की जाएगी।

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