ईरान और यूरोपीय संघ के बीच तनाव और गहरा गया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने रविवार को घोषणा की कि इस्लामी गणराज्य अब यूरोपीय संघ (ईयू) की सभी सेनाओं को आतंकवादी समूह मानता है। कालिबाफ की यह टिप्पणी उस फैसले के बाद आई है, जिसमें यूरोपीय संघ ने ईरान के अर्धसैनिक बल ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)’ को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया। ईयू ने यह कदम ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित कड़ी कार्रवाई के मद्देनज़र उठाया था।

ईरानी संसद अध्यक्ष ने इस फैसले को 2019 में पारित एक कानून के तहत बताया। यह कानून तब बनाया गया था, जब अमेरिका ने रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी संगठन घोषित किया था। कानून के अनुसार, ईरान को यह अधिकार है कि वह ऐसे किसी भी देश या संगठन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करे, जो ईरानी सैन्य या सुरक्षा बलों को आतंकवादी घोषित करे।
घोषणा के दौरान संसद का दृश्य भी बेहद प्रतीकात्मक रहा। कालिबाफ और संसद के कई सदस्य रिवोल्यूशनरी गार्ड की वर्दी पहनकर सदन में मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि मोहम्मद बाकिर कालिबाफ स्वयं भी अतीत में रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर रह चुके हैं। इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि ईरान और यूरोपीय संघ के रिश्तों में टकराव अब खुले राजनीतिक और सैन्य स्तर तक पहुंच चुका है, जिससे पश्चिम एशिया और यूरोप में कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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