दशकों तक महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण के आरोपी जेफ्री एपस्टीन के काले साम्राज्य का सच जब फाइलों के रूप में बाहर आया तो दुनिया के सबसे ताकतवर देशों की सत्ता डगमगा गई। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और नॉर्वे समेत कई देशों में रसूखदार अधिकारियों और नेताओं के इस्तीफों की झड़ी लग गई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी के बाद इन फाइलों को सार्वजनिक किया है।

क्या है एपस्टीन फाइल्स का विस्फोट?

2019 में जेल में एपस्टीन की मौत के बाद उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल सलाखों के पीछे है लेकिन हाल ही में जारी हुई फाइलों ने दुनिया को चौंका दिया है:

  • खुलासे: इन फाइलों में कई वीवीआईपी (VVIP) लोगों की अश्लील तस्वीरें, वीडियो, गुप्त ईमेल और आर्थिक लेनदेन के सबूत मिले हैं।
  • ट्रंप का नाम: हालांकि फाइलों में डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी की तस्वीरें भी हैं लेकिन उन्होंने एपस्टीन के साथ किसी भी तरह के अवैध संबंध से साफ इनकार किया है।

ब्रिटेन: नैतिकता के नाम पर बड़ा इस्तीफा

ब्रिटेन की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मैकस्वीनी ने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाने की सिफारिश की थी। चूंकि मैंडेलसन का नाम एपस्टीन फाइल्स में आया है इसलिए मैकस्वीनी ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया।

नॉर्वे और फ्रांस: राजनयिकों पर गिरी गाज

  • नॉर्वे: यहां की वरिष्ठ राजनयिक मोना जूल ने इस्तीफा दे दिया है। वह इजरायल और ब्रिटेन में नॉर्वे की राजदूत रह चुकी हैं। उन्होंने एपस्टीन मामले में लिए गए कुछ गलत फैसलों की जिम्मेदारी ली है।
  • फ्रांस: पूर्व मंत्री जैक लैंग ने भी एक प्रमुख कल्चरल इंस्टीट्यूट के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है।

अमेरिका: एफबीआई से लेकर लॉ फर्म तक असर

अमेरिका में भी इस्तीफों का सिलसिला जारी है:

  1. ब्रैड कॉर्प: मशहूर लॉ फर्म के चेयरमैन, जिनका एपस्टीन के साथ ईमेल कनेक्शन मिला।
  2. डैन बोंजिनो: एफबीआई (FBI) के डिप्टी डायरेक्टर, जिन्होंने दिसंबर 2025 में इस्तीफा दिया था।
  3. लैरी समर्स: इन्होंने भी एपस्टीन से कनेक्शन की बात कबूलते हुए अपना पद छोड़ दिया।
  4. स्लोवाकिया: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजचाक को भी ईमेल कनेक्शन सामने आने के बाद हटना पड़ा।

क्यों डरी हुई है दुनिया की एलीट क्लास?

ये फाइलें महज कागजात नहीं बल्कि उन रसूखदारों की पोल खोल रही हैं जो एपस्टीन की हाई-प्रोफाइल पार्टियों का हिस्सा थे। पीड़ितों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद जब ये दस्तावेज सामने आए तो कई देशों के अधिकारियों को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी कई बड़े चेहरों के नाम उजागर हो सकते हैं।

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