श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि 18-25 आयु वर्ग के कर्मचारियों की इसमें बड़ी संख्या है। ईपीएफओ ने इस महीने 18-25 आयु वर्ग में 5.60 लाख नए अंशधारक जोड़े, जो मई, 2025 में जुड़े कुल नए सदस्यों का 59.48 फीसदी है। मई महीने में 18-25 आयु वर्ग में जुड़े नए सदस्यों की संख्या अप्रैल, 2025 की तुलना में 14.53 फीसदी अधिक है। इसके अलावा मई में 18-25 आयु वर्ग की शुद्ध वृद्धि 8.73 लाख रही, जो अप्रैल के मुकाबले 15.10 फीसदी और मई, 2024 के मुकाबले 0.11 फीसदी अधिक है।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि संगठित कार्यबल में शामिल होने वाले अधिकांश व्यक्ति युवा हैं, उनमें भी पहली बार नौकरी करने वालों की संख्या अधिक है। इसके साथ ही पहले ईपीएफओ से बाहर हो गए लगभग 16.11 लाख सदस्य मई में फिर से इसका हिस्सा बन गए। यह अप्रैल, 2025 की तुलना में 2.12 फीसदी और मई, 2024 की तुलना में 14.27 फीसदी अधिक है। इसके अलावा मई, 2025 में लगभग 2.62 लाख नई महिला सदस्य भी ईपीएफओ में शामिल हुईं, जो अप्रैल की तुलना में 7.08 फीसदी और सालाना आधार पर 5.84 फीसदी की वृद्धि है।
ईपीएफओ की इस उपलब्धि का उल्लेख करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगा मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि मई महीने में ईपीएफओ में अब तक सबसे अधिक सदस्यों का जुड़ना देश के औपचारिक रोजगार परिदृश्य की बढ़ती शक्ति का प्रमाण है। मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में व्यापार में आसानी और आर्थिक सशक्तिकरण पर हमारा ध्यान अच्छे परिणाम दे रहा है और हम विकसित भारत के लिए एक मजबूत और समावेशी श्रम इकोसिस्टम के निर्माण के लिए समर्पित हैं।
