कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) बनाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। 1 अगस्त 2025 से नए कर्मचारियों के लिए UAN बनाने के दौरान आधार कार्ड से फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रक्रिया अब केवल सरकार के UMANG ऐप के जरिए ही पूरी की जा सकेगी।

नए नियम से क्यों बढ़ सकती है परेशानी?
यह नया नियम कई कर्मचारियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, या आपके पास स्मार्टफोन नहीं है, तो आपको फेस ऑथेंटिकेशन में दिक्कत आ सकती है। इस वजह से आपका UAN नंबर बनने में देरी हो सकती है, जिससे आपके PF का पैसा भी समय पर जमा नहीं हो पाएगा।

यह नया नियम केवल उन कर्मचारियों के लिए है, जो पहली बार EPFO से जुड़ रहे हैं। जो लोग पहले से ही रजिस्टर्ड हैं, उन्हें चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

किसे हो सकती है सबसे ज़्यादा दिक्कत?
यह नया सिस्टम उन लोगों के लिए सबसे ज़्यादा परेशानी का कारण बनेगा, जिनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है या जिनका स्मार्टफोन पुराना है और उसका कैमरा ठीक नहीं है। इसके अलावा, बड़ी स्टाफिंग कंपनियों को भी अपने कर्मचारियों को नौकरी पर रखते समय इस नई प्रक्रिया के कारण परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

आखिर क्यों किया गया यह बदलाव?
EPFO ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि पहचान की प्रक्रिया को और ज़्यादा सुरक्षित बनाया जा सके। पहले कई बार एक ही व्यक्ति के दो UAN नंबर बन जाते थे या किसी और के आधार पर UAN बन जाता था। इन गड़बड़ियों को रोकने और पहचान को पूरी तरह से सही बनाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य किया गया है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights