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नई दिल्ली, 26 जनवरी । गणतंत्र दिवस पर दिल्ली विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने झंडा फहराया। कुलपति ने सभी देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस अवसर कुलपति ने एनसीसी कैडेटों के परेड की सलामी भी ली।

कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि 300 बीसी पहले चाणक्य जनपदों में बंटे जिस देश को एक करने का अभियान चला रहे थे, आज वही भारत अपने सफल गणतंत्र के 76 वर्ष पूर्ण कर चुका है। इसके लिए उन्होंने संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर और देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल का आभार जताते हुए कहा कि डॉ अंबेडकर ने मजबूत केंद्र वाले भारत “यूनियन ऑफ स्टेट्स” की वकालत की और सरदार पटेल ने उस दौर में रियासतों को मनाने, समझाने और जरूरत पड़ने पर धमकाने का काम किया ताकि एकीकृत भारत बन सके। अगर वह सफल न होते तो क्या होता? यह बड़ा प्रश्न है और आज के दिन इस पर हमें विचार करना चाहिए।

प्रो. योगेश सिंह ने अनेकों विभूतियों का नाम लेते हुए कहा कि आज का दिन संविधान का निर्माण करने वाले सभी राष्ट्र भक्तों, सभी स्वतंत्रता सेनानियों और देश के लिए किसी भी रूप में अपना योगदान देने वाले राष्ट्र प्रेमियों को याद करने का दिन है। कुलपति ने कहा कि आज का दिन यह संकल्प लेने का भी दिन है हमें कि राष्ट्र के हित की चिंता करने वाले मनों को तैयार करना है। यह जिम्मेवारी हम सबकी है और इसके लिए शिक्षकों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों, सभी को काम करना होगा।

कुलपति ने दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस की परेड के थीम “वंदे मातरम के 150 वर्ष” पर चर्चा करते हुए कहा कि वंदे मातरम के ये 150 वर्ष भारत को अंधेरे से उजाले में लाने के वर्ष हैं। वंदे मातरम में संस्कृत की गंभीरता भी है और बंगला की कोमलता भी है।

उन्होंने सोमनाथ की चर्चा करते हुए कहा कि एक हजार साल पहले सोमनाथ मंदिर को तोड़ने का काम केवल लूटपाट के लिए नहीं बल्कि भारत के स्वाभिमान को तोड़ने के लिए किया गया था। आज उसे दोबारा बने भी 75 वर्ष हो चुके हैं। सोमनाथ का नव निर्माण और गणतंत्र भारत की स्थापना लगभग एक साथ ही हुई। यह सब हमारे लिए गर्व की बात है।

इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजेज़ प्रो. बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो और रजिस्टर डॉ विकास गुप्ता सहित अनेकों डीन, निदेशक, प्रिंसिपल, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

By editor

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