उत्तर प्रदेश में झांसी जिले के प्रेमनगर इलाके में भरोसे और बेवफाई की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसका अंत खून की होली के साथ हुआ। अपने ही मौसेरे भाई की पत्नी पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी महेंद्र की मौत के बाद अब घायल महिला माया ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। यह पूरी घटना ना केवल रिश्तों के कत्ल की दास्तां है, बल्कि एक मां की ममता की भी मिसाल है, जिसने मरते-मरते अपनी बेटी की जान बचाई।

भरोसे की पीठ में घोंपा खंजर
मृतका के पति ने बताया कि वह आरोपी महेंद्र पर सगे भाई से बढ़कर भरोसा करता था। वह उसे अहमदाबाद काम पर ले गया, अपने कपड़े दिए और उसे खाना खिलाया। लेकिन महेंद्र ने पीठ पीछे भाई की पत्नी (माया) से ही प्रेम संबंध बना लिए। तीन महीने पहले जब पति को इस बात की भनक लगी, तो वह परिवार लेकर वापस झांसी आ गया। उसे उम्मीद थी कि यहां सब ठीक हो जाएगा, लेकिन सनकी महेंद्र यहां भी पहुंच गया।

पेट, सीने और गले पर ताबड़तोड़ वार
28 फरवरी को जब पति काम पर गया था, तब माया घर में पापड़ तल रही थी। तभी महेंद्र वहां पहुंचा और चाकू से माया के शरीर पर एक के बाद एक कई वार किए। हमला इतना बेरहम था कि माया के गले, पेट और सीने से खून की धारा बह निकली। वारदात के बाद आरोपी ने खून से सने कपड़े उतार फेंके और निवस्त्र (नग्न) हालत में भाग निकला। पुलिस से बचने के लिए उसने प्रेमनगर थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर एक पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी।

मरते-मरते बचाई बेटी की जान
इस खौफनाक मंजर के बीच भी मां की ममता नहीं डगमगाई। खून से लथपथ माया ने अपनी नन्ही बेटी को वहां से भागने का इशारा किया। पति का कहना है कि अगर माया उस वक्त हिम्मत ना दिखाती और बेटी वहां से नहीं भागती, तो सनकी हत्यारा उसे भी मौत के घाट उतार देता।

इलाज के दौरान तोड़ा दम
मेडिकल कॉलेज में कई दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद, आज सुबह माया की सांसें थम गईं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी पहले ही आत्महत्या कर चुका है, इसलिए पुलिस अब कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुटी है।

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