जानकारी के मुताबिक सरकारी भूमि पर बनी इस अवैध संरचना को हटाने के लिए दो सप्ताह पूर्व नोटिस दिया गया था।

एसडीएम सौरभ असवाल की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम और भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात कर पहले पूरे क्षेत्र को सील किया गया फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि अवैध कब्जे पर सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है, जिसका अनुपालन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह पूर्व उक्त संरचना के वैध दस्तावेजों के बारे में खादिम को नोटिस दिया गया था,उनके द्वारा कोई भूमि दस्तावेज नहीं दिखाए जाने पर आज कार्रवाई की गई है ,कार्रवाई के दौरान किसी भी विवाद से बचने के लिए पुलिस ने पूरे इलाके में कड़ी नाकेबंदी की। मी सरकार की स्पष्ट नीति

सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण और कब्जों को लेकर सरकार की स्पष्ट नीति है कि किसी भी सूरत में अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं होंगे।

बता दें कि राज्य सरकार अभी तक 9500 एकड़ सरकारी जमीन अवैध कब्जा मुक्त करवा चुकी है, साथ ही 560 से अधिक अवैध मजारों को भी ध्वस्त कर चुकी है।

गौरतलब है कि हिंदुओं के सनातन तीर्थ हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर इस तरह की अवैध मजारे बना कर अवैध कब्जे किए जाने के मामले प्रशासनिक सर्वे में सामने आए हैं। धामी सरकार के निर्देश पर इन सभी अवैध संरचनाओं के संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिसों का कोई जवाब न मिलने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

By editor

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