दिल्ली जल बोर्ड टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दो आरोपितों को जमानत मिली

नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट ने आज दिल्ली जल बोर्ड टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दो आरोपितों जगदीश अरोड़ा और अनिल अग्रवाल को जमानत दे दी है। जस्टिस संजीव नरुला की बेंच ने दोनों को जमानत देने का आदेश दिया।

इस केस में राऊज एवेन्यू कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कोर्ट ने 30 मार्च को दाखिल की गई ईडी की चार्जशीट पर 03 अप्रैल 2024 को संज्ञान लिया था। यह चार आरोपितों और एक कंपनी के खिलाफ दाखिल की गई थी। यह करीब आठ हजार पन्नों की चार्जशीट है। ईडी ने इनको मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 3, 4 और 70 के तहत आरोपी बनाया है। इनमें दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन चीफ इंजीनियर जगदीश कुमार अरोड़ा, अनिल कुमार अग्रवाल, तजिंदर पाल सिंह , एनबीसीसी के फरीदाबाद जोन के पूर्व जीएम देवेंदर कुमार मित्तल और मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड शामिल हैं।

ईडी के मुताबिक, 15 दिसंबर 2017 को दिल्ली जल बोर्ड के इलेक्ट्रोमैग्नेट फ्लो मीटर के लिए मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को उसके पांच साल के आपरेशन के लिए ठेका जारी किया गया था। यह ठेका सप्लाई, इंस्टालेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग (एसआईटीसी) के काम के लिए था। ये ठेका 24 करोड़ से ज्यादा का था। जिस कंपनी को ठेका दिया गया वह तकनीकी मानदंडों को पूरा नहीं करती। इस ठेके के बदले आरोपितों ने एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और मेसर्स इंटीग्रल स्क्रूज इंडस्टरीज से तीन करोड़ रुपये लिए। एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने अपना ठेका मेसर्स इंटीग्रल स्क्रूज लिमिटेड को दे दिया।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय

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