delhi-hc-sameer-wankhede-mumbai-court

नई दिल्ली, 03 फ़रवरी । दिल्ली उच्च न्यायालय ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े की ओर से आर्यन खान ड्रग्स मामले से जुड़े वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में अपने चित्रण को लेकर नेटफ्लिक्स, शाहरुख खान और सीरीज के निर्माताओं के खिलाफ दायर मानहानि याचिका को बांबे की कोर्ट में दाखिल करने की अनुमति दे दी है। जस्टिस विकास महाजन की पीठ ने समीर वानखेड़े को 12 फरवरी को मुंबई की कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।

दरअसल, 29 जनवरी को जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव ने समीर वानखेड़े की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि ये कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करने के लिए उचित फोरम नहीं है। मंगलवार काे सुनवाई के दौरान कोर्ट को इस आदेश के बारे में अवगत कराते हुए मुंबई में केस ट्रांसफर करने की अनुमति देने की मांग की। जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने समीर वानखेड़े की इस अर्जी पर उन्हें मुंबई में केस दायर करने की अनुमति देते हुए 12 फरवरी को मुंबई की अदालत में पेश होने का आदेश दिया।

समीर वानखेड़े ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर शाहरुख खान, उनकी पत्नी गौरी खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और अन्य पक्षों से 2 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा था। समीर वानखेड़े ने कहा था कि वेब सीरीज में उनकी छवि गलत तरीके से पेश की गई है। इस वेब सीरीज के जरिए न केवल समीर वानखेड़े बल्कि जांच एजेंसी की छवि को खराब करने की कोशिश की गई है।

याचिका में कहा गया था कि समीर वानखेड़े और आर्यन खान का मामला अभी बांबे उच्च न्यायालय और ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए इस, विषय पर वेब सीरीज का निर्माण करना कोर्ट के काम में हस्तक्षेप करने के बराबर है। याचिका में कहा गया था कि समीर वानखेड़े की छवि को हुए नुकसान की एवज में कोर्ट जो हर्जाना तय करें उसे टाटा मेमोियल अस्पताल को दे दिया जाए।

वानखेड़े की याचिका में कहा गया था कि वेबसीरीज की सामग्री सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के कई प्रावधानों का उल्लंघन करती है, क्योंकि यह अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के माध्यम से राष्ट्रीय भावनाओं को चोट पहुंचाने का प्रयास करती है।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights