रेंगरुक ने पिछले वर्ष बेंगलुरु वर्ल्ड 10K में शानदार जीत दर्ज की थी और इस बार वह दिल्ली में कोर्स रिकॉर्ड तोड़ने के इरादे से उतरेंगी। उन्होंने पिछले साल वेलेंसिया हाफ मैराथन में 1:03:32 का समय निकाला था और इस वर्ष प्राग हाफ मैराथन में भी विजेता रहीं। रेंगरुक का लक्ष्य 2020 में इथियोपिया की यालेमजेरफ येहुआलॉ के नाम दर्ज 1:04:46 के रिकॉर्ड को तोड़ना है। गौरतलब है कि 2015 के बाद किसी केन्याई महिला ने दिल्ली का ताज नहीं जीता है।

रेंगरुक ने मीडिया से कहा, “चोटें आपको सिखाती हैं कि आप खेल से कितना प्यार करते हैं। अब मैं अपनी फिटनेस और निरंतरता पर ध्यान दे रही हूं, ताकि बिना जोखिम के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक पहुंच सकूं।” 28 वर्षीय धाविका हाल ही में इटालियन कोच क्लाउडियो बेरार्देली के साथ जुड़ी हैं, जो 2028 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए केन्याई धावकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

इथियोपिया की एयायू, जो पिछले वर्ष की विजेता हैं, ने कहा, “हर सीजन कुछ नया सिखाता है। इस बार मैंने अपने शरीर के साथ धैर्य रखना सीखा है। दिल्ली में मैं और मजबूत होकर आई हूँ — शारीरिक और मानसिक रूप से।”

वहीं, केन्या की युवा धाविका ग्रेस लोइबाख नावोवुना भी पहली बार दिल्ली में दौड़ने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “यहां आना शानदार अनुभव है। अगर मैं इस दौड़ में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकाल पाई तो यह मेरे करियर का बड़ा कदम होगा।”

पुरुष वर्ग में सबकी नजरें इथियोपिया के बिरहानु लेगासे गुरमेसा पर रहेंगी, जिन्होंने 2015 और 2017 में दिल्ली हाफ मैराथन जीती थी। वे 10वीं बार भारत में प्रतिस्पर्धा करने आ रहे हैं। बिरहानु का बर्लिन मैराथन में सर्वश्रेष्ठ समय 2:02:48 रहा है, जो दुनिया के शीर्ष प्रदर्शन में गिना जाता है।

31 वर्षीय बिरहानु ने कहा, “भारत मेरे लिए हमेशा खास रहा है। यहां की ऊर्जा, लोगों का स्नेह और मेजबानों का सम्मान मुझे प्रेरित करता है, इसलिए मैं यहां हमेशा अच्छा प्रदर्शन करता हूं।”

केन्या के बेनार्ड बिवॉट, जिन्होंने इस वर्ष पेरिस मैराथन जीती थी, और उनके हमवतन आइजैक किपकेम्बोई भी खिताबी चुनौती पेश करेंगे। बिवॉट ने कहा, “मेरा लक्ष्य सरल है, पहले हाफ में समूह के साथ रहकर फिर गति बढ़ाना। असली दौड़ तब शुरू होती है जब थकान हावी होती है, और मैं उसी पल का इंतजार करता हूं।”

2.6 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 2.17 करोड़ रुपये) की कुल इनामी राशि वाली इस प्रतिष्ठित दौड़ में पुरुष और महिला विजेताओं को समान पुरस्कार मिलेगा। दोनों वर्गों में विजेता को 27,000 डॉलर, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 20,000 डॉलर, और तीसरे को 13,000 डॉलर मिलेंगे। कोर्स रिकॉर्ड तोड़ने वाले धावकों को अतिरिक्त 12,000 डॉलर का बोनस दिया जाएगा।

यह मैराथन 2005 में शुरू हुई थी, और इस वर्ष इसका 20वां संस्करण आयोजित हो रहा है। प्रोकैम इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक विवेक सिंह ने कहा, “ऐसा लगता है जैसे कल ही हमने शुरुआत की थी, लेकिन अब हम 20 साल पूरे कर चुके हैं। यह सफलता हमारे सभी प्रायोजकों, सहयोगियों और धावकों की मेहनत का परिणाम है।”

रविवार को होने वाली इस प्रतिष्ठित दौड़ में एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर रफ्तार, रोमांच और जज़्बे का संगम देखने को मिलेगा।

By editor

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