शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि 26 नवंबर से देश के टॉप कोचिंग संस्थानों – आकाश इंस्टीट्यूट, नारायणा अकादमी, केडी कैंपस और रविंद्रा इंस्टीट्यूट – में कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। ये कक्षाएं स्कूल टाइमिंग के बाद और वीकेंड पर आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कुल 2,200 सीटें मेरिट के आधार पर भरी गई हैं, जिनमें लड़कियों के लिए विशेष आरक्षण है। जेईई, नीट, सीएलएटी और सीए की 50 सीटों तथा सीयूईटी-यूजी की 1,000 सीटों में से 150 सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित हैं। इन्हें एआई-सक्षम क्लासरूम, लाइव सेशंस, स्टडी मैटेरियल और नियमित टेस्ट सीरीज उपलब्ध कराई जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि ये बच्चे सिर्फ़ परीक्षा नहीं, अपना भविष्य बदलने की तैयारी कर रहे हैं। हम उन्हें सिर्फ़ किताबें नहीं, बल्कि बड़े सपने देखने का हौसला और भावनात्मक शक्ति दे रहे हैं।
सूद ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों से अपील की कि वे मनोवैज्ञानिक सहायता तंत्र, शिक्षकों की मेंटल हेल्थ ट्रेनिंग और साथियों के बीच खुली संवाद व्यवस्था को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोई भी बच्चा खुद को अकेला, अनसुना या असहाय महसूस न करे। शिक्षा सिर्फ़ अंक नहीं, बल्कि गरिमा, मानसिक स्वास्थ्य और मानवीयता का नाम है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में इसे आत्मनिर्भर भारत और शैक्षिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया।
सूद ने कहा कि ‘विद्या शक्ति मिशन’ सिर्फ़ एक योजना नहीं, बल्कि एक आंदोलन है, जो दिल्ली के सरकारी स्कूलों को आने वाली पीढ़ियों की पहली पसंद बनाएगा। यहाँ बच्चे खुशी से पढ़ेंगे, शिक्षक गर्व से पढ़ाएंगे और सपने सच होंगे।
