नई दिल्ली, 14 जुलाई । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के प्रचार-प्रसार और संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ‘पर्यटन एवं विरासत फेलोशिप’ कार्यक्रम शुरू कर रही है। उन्होंने सोमवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के तहत 40 युवाओं को फेलोशिप के लिए चुना जाएगा और उन्हें हर महीने 50 हजार रुपये भी मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की यह पहल आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप है, जो देश की आंतरिक क्षमताओं और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को बढ़ावा देती है और बाहरी सलाहकारों पर निर्भरता कम करती है। यह फेलोशिप उन युवाओं के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करेगी जो सरकारी परियोजनाओं से सीधे जुड़कर दिल्ली को एक जीवंत, समावेशी और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में योगदान देना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कार्यक्रम दिल्ली पर्यटन व परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी)) द्वारा चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं, शोधकर्ताओं और पर्यटन क्षेत्र में रुचि रखने वाले पेशेवरों को दिल्ली की समृद्ध विरासत से जोड़ना और पर्यटन के क्षेत्र में संस्थागत क्षमता को मजबूत करना है। ये युवा विरासत भ्रमण, मार्गदर्शित पर्यटन यात्राएं, डिजिटल व प्रचार सामग्री निर्माण, पर्यटन प्रचार, कार्यक्रम प्रबंधन, दिल्ली हाट, गार्डन ऑफ फाइव सेंसिस, पर्यटन सूचना केंद्रों का संचालन, फिल्म शूटिंग समन्वय और एमआईसीई बैठके, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनियां जैसी गतिविधियों में योगदान देंगे।
इस कार्यक्रम के तहत चयनित युवाओं को हर महीने 50,000 रुपये का वजीफा दिया जाएगा और एक वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र भी मिलेगा। इस प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले युवा आवेदक की उम्र 35 वर्ष से कम होनी चाहिए। इसके अलावा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक डिग्री या समकक्ष होगी। वैसे पर्यटन में डिग्री/स्नातकोत्तर को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदक को पर्यटन या संबंधित क्षेत्र में कम से कम एक वर्ष का औपचारिक अनुभव होना चाहिए। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी भाषा में दक्षता तथा डिजिटल कौशल आवश्यक हैं।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights