इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से सामाजिक, शैक्षणिक एवं समसामयिक विषयों पर सार्थक संवाद किया। राज्यपाल ने कहा कि विद्यालयों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार है। राज्यपाल ने कहा कि देहरादून शिक्षा नगरी के रूप में देशभर में विख्यात है और इस पहचान को सशक्त बनाने में विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों का योगदान सराहनीय रहा है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य बच्चों में संस्कार, आत्मविश्वास और सेवा की भावना विकसित करना है।

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