सीएम योगी की जांच रिपोर्ट में कब्जा अवैध साबित
सीएम योगी स्वयं समीक्षा करें गलत पाया जाऊं तो कठोर दंड देः मास्टर विजय सिंह
दुनिया के सबसे लम्बे धरने के रूप मे लिम्का बुक सहित कई रिकार्ड बुको मे हुआ दर्ज.
कुछ ठाकुर लॉबी , मुख्यमंत्री योगी को गुमराह कर रहे हैं फल स्वरुप कार्यवाही नहीं हुई,
मुजफ्फरनगर। भ्रष्टाचार व भू-माफियाओं के विरु( मास्टर विजय सिंह का धरना आज 30 साल पुरे हो गये है, अब मास्टर विजय सिंह देश, प्रदेश शासन प्रशासन के पदाधिकारी ;जैसे महामहिम राष्ट्रपति, मा.चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट, मा .प्रधानमंत्री ,मा .गृहमंत्री मा. रक्षा मंत्री महामहिम राज्यपाल व समस्त अधिकारीगणद्ध से दिल्ली व लखनऊ में मिलकर घोटाले प्रकरण पर कार्यवाही की मांग करेंगे। सीएम योगी स्वयं अपनी जांच रिपोर्ट की समीक्षा करें गलत पाया जाऊं तो कठोर दंड दे। गौरतलब हो कि ग्राम चौसाना की चार हजार बीघा सार्वजनिक कृषि भूमि ;अनुमानित कीमत लगभग 900 करोड़ रुपएद्ध व शामली एवं मुजफ्फरनगर की 6 लाख बीघे भूमि से अवैध कब्जा मुक्त कराने की माँग को लेकर 26 फरवरी 1996 को जिलाधिकारी कार्यालय पर सत्यग्रह शुरू हुआ था। अब यह धरना दुनिया का सबसे लंबा धरना बन गया है।
’ योगी जी अपनी जांच स्वयं रिपोर्ट की समीक्षा करे
गत 8 अप्रैल 2019 को शामली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा मे मास्टर विजय सिंह ने भूमि घोटाले को लेकर कार्यवाही की मांग की थी योगी आदित्यनाथ ने डीएम शामली को जांच कराने के आदेश दिये थे। एसडीएम ऊन सुरेन्द्र सिंह ने जांच कर रिपोर्ट डीएम को रिपोर्ट दी थी जिसमें सैकड़ो करोड़ की हजारों बीघा सार्वजनिककृकृषि भूमि पर पूर्व विधायक ठा. जगत सिंह का अवैध कब्जा साबित हुआ था। रिपोर्ट में ठा. जगत सिंह को भू-माफिया घोषित करने की संस्तुति भी की गई थी जिसके बाद डीएम शामली अखिलेश सिंह मौके पर पहुंचकर रिपोट का भौतिक सत्यापन करके कार्यवाही के लिए शासन मा. मुख्यमंत्री व गृह सचिव को रिपोर्ट भेज दी थी। मास्टर विजय सिंह का कहना है कि योगी ने शामली की भरी सभा में गत 8 अप्रैल 2019 को जो वायदा किया था उसके बाद सात साल तक सूबे का सीएम रहते भी उसे पूरा नहीं किया। सीएम योगी के सात साल के कार्यकाल में मास्टर विजय सिंह अनेकों बार लखनऊ मुख्यमंत्री निवास जाकर सीएम योगी से मुलाकात का समय मांगा, परंतु कोई समय नहीं दिया गया। ठाकुर जगत सिंह व कुछ ठाकुर लॉबी, मुख्यमंत्री योगी को गुमराह कर रहे हैं फल स्वरुप कार्यवाही नहीं हुई।
’धरने का बना विश्व रिकार्ड –
यह 30 सालों का धरना देश व दुनिया का सबसे लम्बा धरना घोषित हो चुका है जिसे लिम्का बुक आफ रिकार्डस, इंडिया बुक आफ रिकार्डस, एशिया बुक आफ रिकार्डस, मीरा सैल्स आफ द वर्ल्ड रिकार्डस, यूनिक रिकार्ड आफ दी वर्ल्डस ने सबसे लम्बा सत्याग्रह दर्ज किया है। मास्टर विजय सिंह शिव चौक पर 24 घंटे गर्मी, सर्दी, बरसात में महात्मा गांधी के सत्याग्रह से प्रेरित होकर धरनारत हैं।
’अमेरिकी विलियम थॉमस के आंदोलन से आगे निकले मास्टर विजय सिंह.
विलियम थॉमस ने परमाणु निशस्त्रीकरण की मांग करते हुए अमेरिका में वाइट हाउस के सामने 3 जून 1981 से 05 अगस्त 2008 तक धरना दिया था। वहीं 2009 मे बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई थी, उनका धरना 27 साल, 2 महीने तक चला उनकी मौत हो गई थी। इनके अलावा मणिपुर की इरोम शर्मिला ने भी राज्य में लागू आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट के खिलाफ 16 साल तक दुनिया की सबसे लंबी भूख हड़ताल की थी जो समाप्त हो गई है. आज दुनिया में लंबे धरना की बात करें इस समय मास्टर विजय सिंह का 30 साल पुरे कर दुनिया का सबसे लंबा धरना बन गया है

’घोटाले प्रकरण की विभिन्न जांच.
उक्त सार्वजनिक भूमि घोटाले की मेरठ मंडल कमिश्नर एचएल बिरदी व आईजी सीबीसीआइडी ए.सी शर्मा पूर्व डीजीपी उप्र. ने जांच कर अवैध कब्जे की पुष्टि कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी ,इनके अलावा डीएम, एडीएम व एसडीएम स्तर से विभिन्न जांचे हो चुकी है जिसमें मास्टर विजय सिंह के आरोप सही साबित हो चुका है, भूमि घोटाले के आरोपी प्रदेश में सत्ता बदलने के साथ ही पार्टी बदल लेते हैं फल स्वरुप राजनीतिक दबाव व भ्रष्टाचार के कारण कार्यवाही नहीं हो पाती, जनपद मुज़फरनगर शामली मे ग्राम सभा, तालाब , वन जुड़ बंजर आदि की लगभग 6 लाख बीघा जमीन भू- माफियाओं के अवैध कब्जे में है जिसे मुक्त करने के लिए वे आंदोलनरत है.
’अखिलेश, मायावती के आदेश पर गठित कमेटी ने भ्रष्टाचार के कारण नहीं की कार्यवाही
2012 में कृषि भूमि अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए मा. विजय सिंह मुज़फरनगर से पद यात्रा करते हुए लखनऊ पहुंचे थे। तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात कर भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग की थी, जिस पर जांच कमेटी गठित की गई लेकिन आरोपियों के सपा में चले जाने के कारण राजनीतिक हस्तक्षेप व भ्रष्टाचार के कारण कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। जांच कमेटी आय का साधन मखोल बन कर रह गई थी। बसपा सरकार के दौरान प्रमुख सचिव गृह ने कार्रवाई का आदेश दिया था जिस पर जिला प्रशासन ने 300 बीघा भूमि अवैध कब्जा मुक्त कराई थी। बाद में कुछ नेताओं के भ्रष्टाचार के चलते कार्यवाही पर विराम लग गया था। उन्होंने अक्टूबर 2019 में मुजफ्फरनगर से दिल्ली राजघाट महात्मा गांधी की समाधि तक की पैदल यात्रा की।
’ न्याय के बदले उत्पीड़न मिला.
2019 मे मुख्यमंत्री योगी का शामली की सभा में जांच व कार्यवाही का वायदा पूरा न होने पर विजय सिंह ने कई बार लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास जाकर योगी से मुलाकात का समय मांगा, मगर मिल नहीं पाए. उल्टा विजय सिंह को लखनऊ के एलआईयू इंस्पेक्टर अश्वनी सिंह के इशारे पर लखनऊ पुलिस द्वारा हजरतगंज थाने में 5 घंटे तक अवैध हिरासत में भी रखा गया था। इससे पूर्व उनके व परिवार पर जानलेवा हमले हुए उनका घर जलाया गया उनके साथी धीरसिंह को फांसी देकर मार दिया गया18 सितम्बर, 2019 को जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जें ने राजनीतिक दबाव मे मास्टर जी के धरने को समाप्त कराने के लिए दबाव बनाया तथा बुरा भला कहा तथा उनके विरु( कचहरी में अन्डरवियर सुखाने पर ( महिला लज्जा भंग) का बेहुद्दा मुकदमा भी दर्ज किया गया .जो तथ्यहीन होने के कारण पुलिस ने निरस्त कर दिया था इसके साथ उन पर एक आत्महत्या का भी केस लगाया गया जो न्यायालय ने बरी कर दिया था , को सहते उन्होंने उन्होंने अपना गांधीवादी सत्याग्रह जारी रखा।
देह दान
परोपकार की भावना से ओत-प्रोत मास्टर जी ने 2013 में अपना शरीर एम्म, दिल्ली को दान कर दिया है ताकि उनकी मृत्यु के बाद शरीर के विभिन्न अंग रोगियों के काम आ सकें।

’ धरना आंदोलन क्यों
30 साल पहले एक 4 साल के भूखे बच्चे की व्यथा से मास्टर जी का मन द्रवित हो गया। बच्चा अपने माँ से कह रहा था कि माँ किसी के यहाँ से आटा मांग लाओ और शाम को रोटी बना लो। सुबह से कुछ नहीं खाया है। यह वेदना सुन मास्टर विजय सिंह ने अध्यापक की नौकरी से इस्तीफा देकर सबसे पहले उन्होंने अपने गाँव चौसाना की 4 हजार बीघा सार्वजनिक भूमि पर शोध करके घोटाला खोला मास्टर विजय सिंह का मानना है मुजफ्फरनगर और शामली जनपद में लगभग 6 लाख बीघा सार्वजनिक भूमि, ( तालाब ,झील वन ग्राम सभा की भूमि )आदि पर अवैध कब्जे हैं। उक्त भूमि को कब्जामुक्त करवाने तथा इस भूमि के सार्वजनिक प्रयोग या गरीबों को बंटवाने की जद्दोजहद में 24 घंटे धरने पर रहकर गांधीवादी लड़ाई लड़ रहे हैं।
’ पैदल यात्रा एवं अन्य आंदोलन –
मास्टर जी ने 30 मार्च 2012 को मुजफ्फरनगर से मुख्यमंत्री निवास लखनऊ तक 19 दिन में 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा की। 28 अप्रैल 2012 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग की तथा उन्होंने अक्टूबर 2019 में मुजफ्फरनगर से दिल्ली राजघाट महात्मा गांधी की समाधि तक की पैदल यात्रा की इसके अतिरिक्त उन्होंने लखनऊ विधानसभा के सामने राजस्व परिषद इलाहाबाद के सामने दिल्ली जंतर मंतर पर धरना आंदोलन किया था
’धरना समाप्त करने के लिए प्रलोभन-
धरने के दौरान पिछले 30 सालों में मास्टर विजय सिंह को जान से मारने की धमकी दी गई और उन पर हमले भी हुए। उनके घर को भी आग लगा दी गई के बावजूद वे आंदोलन पर डटे हुए उन्हें 4000 बीघा जमीन की 10 प्रतिशत का यानी 400 बीघा जमीन आंदोलन समाप्त करने हेतु रिश्वत तौर पर दी जा रही थी परंतु उन्होंने गांधीवादी सि(ांतों से समझौता न कर ऑफर ठुकरा दिया था।
’गांधीवादी सि(ांतों पर अडिग
उन्होंने अध्यापक की नौकरी छोड़ी और घर-परिवार को त्यागकर समाजसेवा हेतु अपना जीवन समर्पित कर दिया। मुजफ्फरनगर में बास बल्ली कुटिया बनाकर रह रहे हैं। इस कुटिया में न ही सुख-सुविधा का कोई साधन है वे आप गर्मी, सर्दी और बरसात के थपेड़े सहते हुए एकला चलो की तर्ज पर आगे बढ़ रहे हैं। संघर्ष के रास्ते पर चलते हुए परिवार और रिश्तेदारों ने भी मुँह मोड़ लिया। अधिकारी व राजनेता भले ही आन्तरिक रूप से उनके खिलाफ हों लेकिन सार्वजनिक रूप से कोई उनकी और उनके कार्यों की निंदा नहीं करता है। नेता व अधिकारी उनके संघर्ष और ईमानदारी का सम्मान करते हैं। मास्टर जी अपना खाना बनाना, कपड़े धोना और बर्तन साफ करना जैसे कार्य स्वयं करते हैं।
भ्रष्ट राजनीति के सामने लाचार दिखाई देते हैं लेकिन बड़ी बात यह है कि आप हिम्मत नहीं हारते हैं। सुखद यह है कि लगातार आर्थिक तंगी से जूझ रहे मास्टर विजय सिंह अपना स्वाभिमान बचाए हुए हैं। आप एक तपस्वी की तरह अपना जीवन जी रहे हैं। वे जमीन पर सोते हैं, पैदल चलते हैं और कई बार तो भूखे रहकर ही अपने संघर्ष को अंतिम मुकाम तक ले जाने के लिए लगे रहते हैं।
भ्रष्टाचार के विरूध अंतिम सांस तक लडूंगा
मैं अंतिम सांस तक भ्रष्टाचार व भू-माफियाओं के विरु( एक-एक इंच सार्वजनिक जमीन को मुक्त होने तक संघर्ष करता रहूंगा दुखद बात है कि शासन प्रशासन अहिंसात्मक आन्दोलन पर चुप है।
