मामला पूर्वी कांगो में रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों को समर्थन देने से जुड़ा है। अदालत के अनुसार, काबिला पर हत्या, यौन हिंसा, यातना और विद्रोह भड़काने जैसे गंभीर आरोप सिद्ध हुए।

सुनवाई के दौरान न तो काबिला मौजूद थे और न ही उनका कोई वकील। अदालत ने उन्हें राज्य और पीड़ितों को लगभग 50 अरब डॉलर का मुआवजा अदा करने का भी आदेश दिया।

काबिला ने 2001 से 2019 तक कांगो पर शासन किया और 2019 में जनआंदोलन के दबाव में पद छोड़ा। वे हाल के महीनों में ज्यादातर दक्षिण अफ्रीका में रहे हैं, हालांकि मई में वे पूर्वी कांगो के गोमा शहर में विद्रोहियों के बीच दिखाई दिए थे।

वर्तमान राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी ने उन पर एम23 विद्रोहियों को प्रायोजित करने का आरोप लगाया था। एम23 इस समय नॉर्थ और साउथ किवु प्रांतों के बड़े हिस्से पर कब्जा किए हुए हैं। इस संघर्ष में हजारों लोग मारे गए और लाखों विस्थापित हुए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला देश में और अधिक राजनीतिक अस्थिरता और विभाजन को जन्म दे सकता है।

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