बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में नशा उन्मूलन अभियान के तहत महत्वपूर्ण बरामदगियां की गई हैं। इनमें 1.244 किलोग्राम स्मैक/हीरोइन, 22.337 किलोग्राम चरस, 0.99 किलोग्राम अफीम, 83 इंजेक्शन और 5.788 ग्राम एमडीएमए शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अवैध भांग की खेती को भी बड़े पैमाने पर नष्ट किया गया। पाटी में 683.5 नाली, पंचेश्वर में 96 नाली, रीठासाहिब में 145 नाली, चंपावत में 125 नाली और लोहाघाट में 161.5 नाली क्षेत्रफल में उगाई गई भांग की फसल को विनष्ट किया गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस अवसर पर कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। उन्होंने जोर दिया कि इसे समाप्त करने के लिए पुलिस, प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना होगा।

डीएम ने पुलिस विभाग को सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने, मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने और नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभागों को विद्यालयों तथा सामुदायिक स्तर पर नशा मुक्ति रैलियां, पोस्टर अभियान, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि नशा पीड़ितों के पुनर्वास और परामर्श सेवाओं को मजबूत कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है।

डीएम ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त समाज की स्थापना केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को आपस में समन्वय स्थापित कर ठोस, टिकाऊ और परिणामोन्मुख कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, उप जिलाधिकारी आकाश जोशी, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.एस. सामंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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