सीएमओ डॉ. चौहान ने बताया कि कृष्णा स्किज़ोफ्रेनिया (मानसिक स्वास्थ्य विकार) से पीड़ित हैं। उनकी लगभग 60 प्रतिशत दिव्यांगता के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ थीं और उनके लिए अस्पताल पहुंचना संभव नहीं था। इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घर जाकर चिकित्सकीय मूल्यांकन किया और प्रमाणन प्रक्रिया पूरी की।
डॉ. चौहान के अनुसार, इस प्रमाण पत्र से युवती को अब सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा लाभ, उपचार सुविधाओं और आर्थिक सहायता सहित अन्य आवश्यक सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग जरूरतमंद और गंभीर रूप से असहाय मरीजों तक पहुंचकर ऐसी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को क्षेत्रवासियों ने एक संवेदनशील और सराहनीय कदम बताया है।
